नागदा को पांच हजार करोड़ के जावरा-उज्जैन मार्ग और केंद्रीय विद्यालय की बड़ी सौगात

नागदा जंक्शन, अग्निपथ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागदा आगमन पर क्षेत्रवासियों को 5017 करोड़ रुपये की लागत वाले 99 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा फोरलेन मार्ग के भूमिपूजन और आगामी 3 अगस्त से नागदा में केंद्रीय विद्यालय की कक्षाएं प्रारंभ होने की ऐतिहासिक सौगात दी है। इस बेहद महत्वपूर्ण विकास कार्य से नागदा, खाचरौद और उज्जैन के बीच आवागमन सुगम होगा, वहीं स्थानीय स्तर पर केंद्रीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र के बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा की सर्वसुविधा भी उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फूड प्रोसेसिंग प्लांट और चंबल नदी पर अटलावदा तथा नीनावटखेड़ा के बीच नए डैम के निर्माण की भी महत्वपूर्ण घोषणा की है।

उज्जैन-जावरा मार्ग और केंद्रीय विद्यालय से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान की पुरानी मांग को पूर्ण करते हुए मुख्यमंत्री ने पांच हजार सत्रह करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले निन्यानबे किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा फोरलेन मार्ग का भूमिपूजन किया। इस भव्य मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि दिसंबर दो हजार सत्ताइस निर्धारित की गई है। इस मार्ग के बनने के बाद भी नागदा-उज्जैन-जावरा मार्ग का पुराना अस्तित्व पूरी तरह बना रहेगा।

इसके साथ ही नागदा के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गेहलोत ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि देवास-शाजापुर का सांसद रहने के समय से ही नागदा में केंद्रीय विद्यालय के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जो अब जाकर सफल हुए हैं। नागदा में केंद्रीय विद्यालय की भूमि स्वीकृत कराने में स्थानीय कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी की महती भूमिका रही है। इस नए केंद्रीय विद्यालय में आगामी तीन अगस्त से नियमित कक्षाएं चालू हो जाएंगी और इसके लिए प्रवेश आवेदन मिलना भी आज से ही शुरू हो गए हैं।

फूड प्रोसेसिंग प्लांट और सिंचाई के लिए नए डैम की घोषणा

क्षेत्र की कृषि और स्थानीय उपजों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने खाचरौद की प्रसिद्ध मटर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खाचरौद और बड़नगर की मटर अत्यंत प्रसिद्ध है। जबलपुर और ग्वालियर की तरह खाचरौद में भी मटर का व्यवसाय बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए पंद्रह करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उज्जैन में पेप्सिको कंपनी द्वारा भी एक बड़ा प्लांट डाला गया है, जिससे क्षेत्र के आलू उत्पादक किसानों को अपनी फसल के बहुत अच्छे दाम मिल सकेंगे।

विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान की मांग पर मुख्यमंत्री ने ग्राम अटलावदा और नीनावटखेड़ा के बीच चंबल नदी पर एक नए डैम के निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की। इस डैम के बनने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। खाचरौद की कृषि उपज मंडी के विस्तार के लिए सरकारी भूमि आवंटित की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर मटर मंडी का व्यापार और अधिक फल-फूल सके। इसके साथ ही युवाओं के तकनीकी विकास के लिए नागदा में एक नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने की भी घोषणा की गई।

कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल की तुलना तथा नागदा जिला का मामला

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्षी दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने पचपन वर्षों के लंबे शासनकाल में लाड़ली बहनों और महिलाओं के हित में कुछ नहीं किया। इसके विपरीत जब से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है, तब से सभी पात्र बहनों और महिलाओं को नियमित रूप से हर महीने आर्थिक सहायता राशि का भुगतान बिना किसी रुकावट के किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में सनातन संस्कृति का सूर्य पूरी आभा के साथ चमक रहा है। आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन सहित इसके आसपास के सभी क्षेत्रों में धड़ल्ले से विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उज्जैन में उनतीस किलोमीटर लंबे भव्य घाट का निर्माण भी किया जा रहा है।

नागदा को जिला बनाने के अत्यंत संवेदनशील मामले पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस विषय में वे स्वयं और स्थानीय विधायक डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान मिलकर परिसीमन आयोग को एक औपचारिक पत्र लिखेंगे। कार्यक्रम को क्षेत्रीय सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसेवा प्रहरी योजना, केंद्रीय विद्यालय और उज्जैन-जावरा रोड का भूमिपूजन करने के साथ-साथ किसानों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक का विमोचन भी किया। अतिथियों द्वारा रामसेतु योजना, संबल योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को हितलाभ और स्वीकृति पत्र भेंट किए गए।

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