शाजापुर, अग्निपथ। यदि आपके पास किसी रिश्तेदार का फोन आए और वह किसी अन्य या अज्ञात नंबर से पैसों के लेन-देन की बात कहे, तो बिना पूरी पुष्टि किए कोई भी कदम न उठाएं। शहर के करेड़ी नाका क्षेत्र में एक होटल संचालक इसी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो गया है। ठग ने खुद को रिश्तेदार बताकर और अस्पताल में भर्ती होने का झांसा देकर पीड़ित को बातों के जाल में ऐसा उलझाया कि उसने अपने बैंक खाते से 95 हजार रुपये गंवा दिए।
फर्जी मैसेज और स्क्रीनशॉट से जीता भरोसा
पुलिस के अनुसार, गिरवर निवासी सोनारसिंह राजपूत करेड़ी नाका क्षेत्र में होटल का संचालन करते हैं। पीड़ित के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को उनके रिश्तेदार का संबंधी बताया। आरोपी ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए पहले उनके खाते में 10 रुपये भेजे। इसके बाद 35 हजार रुपये जमा होने का एक फर्जी संदेश दिखाकर पीड़ित से एक नंबर पर दो बार में 15-15 हजार रुपये (कुल 30 हजार रुपये) ट्रांसफर करवा लिए।
बीमारी का झांसा देकर ऐंठे अतिरिक्त रुपये
इसके बाद शातिर ठग ने खुद के अस्पताल में होने का बहाना बनाया और 60 हजार रुपये भेजने का एक और फर्जी स्क्रीनशॉट साझा किया। इस झांसे में आकर सोनारसिंह ने अलग-अलग किश्तों में 30 हजार और 35 हजार रुपये एक अन्य नंबर पर भेज दिए।
बैंक खाता चेक करने पर खुला राज
अगले दिन जब आरोपी ने 50 हजार रुपये और भेजने का दावा किया, तब पीड़ित को संदेह हुआ और उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया। खाते की जांच करने पर पता चला कि कोई भी राशि जमा नहीं हुई थी और वे 95 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

