भोपाल। मध्यप्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की पुख्ता हिफाजत के लिए राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) की तीन नई बटालियनों का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में आयोजित पुलिस विभाग के नवीन भर्ती एवं पदोन्नति आभार प्रदर्शन समारोह में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि इन तीन में से एक बटालियन खंडवा में स्थापित होगी, जबकि बाकी दो बटालियनों के स्थान जल्द तय किए जाएंगे। इस बल को और अधिक सशक्त करने तथा प्रदेश के अति पिछड़े जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा में रोजगार व प्रतिनिधित्व देने के मकसद से इसमें बैगा, भारिया और सहरिया समुदायों की विशेष कंपनियां भी गठित होंगी।
पुलिस महकमे में रिकॉर्ड पदोन्नतियां और नए पदों को हरी झंडी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमता वृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में पुलिसकर्मियों की पदोन्नति की बाधाएं समाप्त कर दी गई हैं। हाल ही में 58 संवर्गों के 27,534 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदोन्नतियां दी गई हैं, जिनमें 30 रक्षित निरीक्षक प्रमोट होकर उप पुलिस अधीक्षक बने हैं। लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से महकमे के मनोबल में भारी इजाफा हुआ है।
बीस हजार रिक्त पदों की पहचान, भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी
समारोह में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि समीक्षा के दौरान प्रदेश में सब इंस्पेक्टर, सूबेदार, स्टेनो और एएसआई एम जैसे करीब 20 हजार पद रिक्त पाए गए थे। इन पदों पर पिछले आठ वर्षों से भर्ती नहीं हुई थी, जिससे बल पर काम का दबाव अत्यधिक बढ़ गया था। सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए वर्ष 2025 में 6,500 पदों पर और वर्ष 2026 में 9,662 नए पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी है। वर्तमान में 9,751 से अधिक पदों पर चयन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।
नक्सल मोर्चे पर ऐतिहासिक सफलता, मध्यप्रदेश बना नक्सल मुक्त
डीजीपी ने जानकारी दी कि नक्सल समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर रणनीति तैयार की गई। हॉक फोर्स में 325 और विशेष सहयोगी दस्ते में 882 नए पद स्वीकृत किए गए। इन कड़े और योजनाबद्ध निर्णयों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जो पूरी तरह से नक्सल समस्या से मुक्त हो चुका है।
खाकी वर्दी का गौरव और सेवा भाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह विभाग उनके पास होने के कारण वे पुलिस बल की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देते हैं। उन्होंने पूर्व में विभागीय अड़चनों के कारण बिना पदोन्नति सेवानिवृत्त हुए 20 हजार कर्मियों के प्रति मलाल व्यक्त करते हुए कहा कि अब योग्यता और पात्रता के अनुसार समय पर पदोन्नति मिलती रहेगी। वर्दी पहनने से व्यक्ति के भीतर देशभक्ति, साहस और जिम्मेदारी का नया भाव जगता है।
समारोह में अपर मुख्य सचिव गृह संजय शुक्ला, स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी आदर्श कटियार एवं एडीजी चंचल शेखर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस बल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

