दो प्रमुख रास्ते बंद होने से ट्रैफिक बेपटरी
उज्जैन, अग्निपथ। धर्मनगरी उज्जैन में आगर रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कार्य अब आम जनता और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। निर्माण एजेंसी और यातायात प्रबंधन की अदूरदर्शिता के कारण पूरे आगर रोड क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। आगर रोड से कंठाल, देवासगेट और पुराने शहर की ओर जाने वाले राहगीरों को अब गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति यह है कि दो प्रमुख संपर्क मार्गों को बैरिकेड्स लगाकर अचानक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वैकल्पिक मार्ग बेहद संकरे होने और प्रभावी डायवर्शन प्लान न होने के कारण दिनभर शहरवासियों को भीषण जाम से जूझना पड़ रहा है।
समस्या की मूल वजह
चादरों के बीच बढ़ता गैप और संकरी सड़कें एलिवेटेड ब्रिज निर्माण के लिए आगर रोड पर चामुंडा चौराहे से लेकर दरगाह मंडी तक सड़क के बीचों-बीच टीन की चादरें लगाकर बड़ा क्षेत्र घेरा गया है। हाल ही में इन टीन की चादरों का दायरा (गैप) और अधिक बढ़ा दिया गया है, जिससे दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही के लिए बची हुई सड़क बेहद संकरी हो गई है। व्यस्ततम मार्ग होने की वजह से जब बस, कार, ऑटो या ट्रैक्टर जैसे बड़े वाहन आमने-सामने आ जाते हैं, तो पूरी सड़क जाम हो जाती है। थोड़ी सी भी अव्यवस्था देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार में तब्दील हो जाती है।
बिना निर्माण कार्य बंद किए रास्ते
असुविधा की सबसे बड़ी वजह स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए सबसे ज्यादा आक्रोश की बात यह है कि दो दिन पूर्व कोयलाफाटक से निजातपुरा और बिनोद मिल से सीएमएचओ कार्यालय जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाकर ब्लॉक कर दिया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन दो रास्तों के बीच वाले हिस्से को बंद किया गया है, वहां फिलहाल कोई निर्माण कार्य भी संचालित नहीं हो रहा है। इसके बावजूद बिना किसी ठोस वजह के रास्तों को सील कर दिए जाने से लोगों को बेवजह घूमकर जाना पड़ रहा है।
कोयलाफाटक से निजातपुरा
- मार्ग 1: कोयलाफाटक से निजातपुरा मार्ग पूरी तरह ठप कोयलाफाटक से निजातपुरा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर बैरिकेड्स लग जाने से पुराने शहर की ओर जाने वाला सारा ट्रैफिक ठप हो गया है। इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब गाड़ी अड्डा या चामुंडा चौराहे से डायवर्ट किए गए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त दूरी तय करने से ईंधन का खर्च भी बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों को अपने ही घरों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसके अलावा कोयलाफाटक की ओर से सीधे चरक अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके स्वजनों के लिए भी रास्ता बंद हो चुका है, जिससे उन्हें भी चामुंडा चौराहे से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है।
बिनोद मिल से सीएमएचओ कार्यालय व देवासगेट मार्ग
- मार्ग 2: बिनोद मिल से सीएमएचओ कार्यालय व देवासगेट मार्ग प्रभावित बिनोद मिल से सीधे सीएमएचओ कार्यालय की तरफ जाने वाले मार्ग को भी बंद कर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय और आसपास के रिहायशी इलाकों में आने-जाने वाले लोग परेशान हैं। इसी प्रकार चामुंडा चौराहे से देवासगेट की तरफ जाने वाला एक तरफ का मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वर्तमान में केवल एक ही संकरे रास्ते पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित किया जा रहा है। चामुंडा चौराहे से पुराने शहर की तरफ जाने वाली गाड़ियां अब प्रेमछाया परिसर के सामने वाली छोटी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे इस मार्ग पर भी दिनभर दबाव बना रहता है।
वैकल्पिक इंतजामों की कमी से बढ़ा जनआक्रोश शहर के सबसे मुख्य व्यापारिक और आवागमन वाले रास्ते पर इतने बड़े निर्माण कार्य के दौरान यातायात पुलिस और प्रशासन द्वारा पर्याप्त डायवर्शन व ट्रैफिक वार्डनों की तैनाती नहीं की गई है। सुगम आवागमन के लिए कोई स्पष्ट सांकेतिक बोर्ड भी नहीं लगाए गए हैं। बिना योजना के रास्ते बंद करने और सड़क संकरी होने से राहगीर, स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस और दैनिक यात्री रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं।
