उज्जैन, अग्निपथ। धार्मिक नगरी उज्जैन में गुर्जर और बुंदेला गैंग के बीच वर्चस्व की लड़ाई अब खूनी संघर्ष में तब्दील हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन गिरोहों ने अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नई उम्र के नाबालिग लड़कों को अपना हथियार बनाना शुरू कर दिया है। हाल ही में ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के घर को आग के हवाले करने की घटना में शामिल 15 आरोपियों में कई नाबालिगों के नाम सामने आए हैं।
नई पीढ़ी के हाथों में गैंग की कमान
वर्चस्व की यह जंग लगभग एक दशक पुरानी है। पहले यह लड़ाई जीतू बुंदेला और रोशन गुर्जर के बीच हुआ करती थी, जिसमें कई बार हत्याएं तक हुई हैं। वर्तमान में बुंदेला गैंग का सरगना जीतू बुंदेला नारकोटिक्स मामले में जेल की सजा काट रहा है, लेकिन जेल के बाहर उसके अवैध कारोबार की कमान उसका बेटा यशवेंद्र उर्फ छंगू संभाल रहा है। दूसरी ओर, रोशन गुर्जर अपराध की दुनिया से दूरी बना चुका है, लेकिन उसकी जगह अब उसका छोटा भाई रौनक और भतीजा अनमोल सक्रिय हैं। ये दोनों पक्ष अब किशोरों और युवाओं को गिरोह में शामिल कर चोरी, उठाईगिरी और मुखबिरी जैसे कामों में लगा रहे हैं।
ई-रिक्शा की आड़ में निगरानी
सूत्रों के अनुसार, गिरोह से जुड़े कई नाबालिग और युवा काम-धंधे के नाम पर शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं। इसकी आड़ में वे पुलिस की आवाजाही और विरोधी गैंग की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इन नाबालिगों का इस्तेमाल हमला करने और फरार होने के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए किया जा रहा है। गिरोहबाजी के इस दलदल में फंसकर शहर की युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
11 अप्रैल की घटना और पुलिस की कार्रवाई
बीती 11 अप्रैल की रात को पांच बाइकों पर सवार होकर आए 15 बदमाशों ने ढांचा भवन स्थित रौनक के मकान में आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कमल परमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान छंगू बुंदेला, किशोर पटेल और चीनू मराठा सहित 11 अन्य आरोपियों के नाम उजागर हुए हैं, जो घटना के बाद से ही फरार हैं। पुलिस को अंदेशा है कि ये सभी आरोपी शहर छोड़कर अन्य राज्यों या जिलों में छिपे हुए हैं।
बदमाशों पर इनाम घोषित और कड़ी चेतावनी
गैंगवार की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रमुख बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने पिछले दो दिनों में दोनों पक्षों के 10 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
“बदमाश बेहद शातिर तरीके से अपराध को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन अब एक-एक अपराधी पुलिस की रडार पर है। इस संगठित अपराध के खेल को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। रौनक, छंगू और अनमोल पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।” — प्रदीप शर्मा, एसपी, उज्जैन
