वार्डों में सफाई व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
उज्जैन, अग्निपथ । शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर उज्जैन नगर निगम इन दिनों बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। मंगलवार को देवास गेट स्थित पानी की टंकी कंट्रोल रूम और विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण करने निकले निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्वच्छता गतिविधियों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। वार्ड क्रमांक 23 और 24 में कचरा पृथक्कीकरण (सेग्रीगेशन) की व्यवस्था सुचारू न मिलने और जगह-जगह गंदगी के ढेर दिखने पर आयुक्त ने सफाई का जिम्मा संभाल रही एजेंसी ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ पर 1 लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया है।
अवेयरनेस में फेल हुई एजेंसी, कमिश्नर ने पकड़ा फॉल्ट
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने पीएचई कंट्रोल रूम का जायजा लेने के बाद सीधे वार्ड 23 और 24 की गलियों का रुख किया। वार्ड 24 के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कचरे के ढेर जमा मिले, जिससे साफ जाहिर हुआ कि नागरिकों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। कमिश्नर ने पाया कि जागरूकता फैलाने के लिए नियुक्त की गई एजेंसी ‘सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट’ के टीम लीडर और सदस्य जमीनी स्तर पर एक्टिव नहीं हैं। एजेंसी द्वारा आम जनता को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने तथा उसे अनिवार्य रूप से कचरा वाहन में ही डालने के लिए प्रेरित नहीं किया गया। इसी लापरवाही को देखते हुए मौके पर ही जुर्माने के निर्देश जारी किए गए।
नालियों पर हुए पक्के अतिक्रमण हटाने के आदेश
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने वार्ड दरोगा और संबंधित एनजीओ को कड़ी हिदायत देते हुए वार्डों में शत-प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
सभी सफाई मित्र अनिवार्य रूप से टूलकिट का उपयोग कर ही सफाई कार्य करें।
खाली पड़े प्लॉटों पर जमा होने वाले कचरे की विशेष मॉनिटरिंग की जाए।
कई रहवासियों द्वारा नालियों के ऊपर पक्के निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे ड्रेनेज की सफाई प्रभावित होती है; ऐसे स्थाई अतिक्रमणों को तत्काल हटाकर नालियों को साफ किया जाए।
घर-घर जाकर चेक किया सप्लाई का पानी
सफाई के साथ-साथ कमिश्नर ने नागरिकों के घरों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति की जमीनी हकीकत भी जांची। उन्होंने पीएचई (PHE) अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जल प्रदाय के समय नागरिकों को पूरी तरह शुद्ध और कीटाणुरहित पेयजल मिलना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण संयुक्त निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल और संजेश गुप्ता सहित निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से शहर की अन्य सफाई एजेंसियों और लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।