कई राज्यों में ब्रांडेड शराब के नकली होलोग्राम व ढक्कन बेचने वाला गिरोह का भांडाफोड़

रतलाम पुलिस ने दिल्ली और गुजरात में चल रही दो फैक्ट्रियां पकड़ी

जावरा/रतलाम, अग्निपथ। जिले में पकड़ाई अवैध शराब फैक्ट्रियों के मामले की जांच में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। रतलाम पुलिस ने दिल्ली और गुजरात में चल रही दो फैक्ट्रियां पकड़ी हैं। जहां ब्रांडेड अंग्रेजी शराब के नाम के बोतलों के नकली ढक्कन और होलोग्राम बनाए जा रहे थे। ढक्कन और होलोग्राम देश के 7 राज्यों में सप्लाई होते थे। जहां से नकली शराब को असली बताकर बेचने का बड़ा खेल चल रहा था।

एसपी गौरव तिवारी ने शक्रवार को रतलाम में पुलिस कंट्रोल रूम पर मीडिया को पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिनों पूर्व बिलपांक और रिंगनोद थाना क्षेत्र में नकली शराब बनाने की फैक्ट्रियां पकड़ी गईं थी। इनकी जांच के लिए सीएसपी जावरा अभिषेक आनंद, एसडीओपी रविन्द्र बिलवाल और संदीप निगवाल के नेतृत्व में टीमों का गठन किया था। जांच में पाया गया था कि अवैध शराब तो इन फैक्ट्रियों में बनाई जा रही थी। लेकिन इनके पास से शासकीय होलोग्राम जैसे दिखने वाले होलोग्राम और लेबल वाले ढक्कन भी पाए गए थे। इस बिंदु की जांच के लिए टीम दिल्ली रवाना हुई। टीम ने आरोपी सुमित पिता श्यामसुंदर माखरिया उम्र 40 साल निवासी दिल्ली को गिरफ्तार किया।

अपनी फैक्ट्री में बनाता था ढक्कन और होलोग्राम

आरोपी सुमित ने पूछताछ में बताया कि उसकी श्री साई इंटरप्राइजेस के नाम से नांगलोई दिल्ली में एल्युमिनियम की फैक्ट्री है। यहां शराब डिस्टिलरी से कांट्रेक्ट मिलने पर उनके द्वारा पर्चेसिंग लैटर मिलने पर डिजाइन किये ढक्कन बनाकर देता था। लालच में आकर फरार आरोपी के साथ मिलकर सांई के साथ पूर्वी इंटर प्राइजेस का प्रचार सोशल मीडिया के प्लेटफार्म इंडिया मार्ट पर किया। यहां से मध्यप्रदेश के एक व्यक्ति ने उससे संपर्क कर नकली शराब बनाने में उपयोग के लिये ढक्कन, स्टीकर इत्यादी बनाने को कहा।

नकली ढक्कन बनाने के लिए गुजरात में लगा ली फैक्ट्री

एसपी ने बताया कि जांच में गुजरात से भी तार जुड़े होने के सुराग मिले थे। इसके बाद दूसरी पुलिस टीम को महिसाणा गुजरात भेजा गया। टीम ने आरोपी पंकज पिता देवीसीबाई बाबरिया उम्र 43 साल निवासी महिसाणा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि मध्यप्रदेश के व्यक्ति द्वारा नकली ढक्कन एवं अन्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिये कहा। इस पर उसने फैक्ट्री शुरू कर दी।

तीन आरोपी गिरफ्त में आए

एसपी तिवारी ने बताया कि सुमित की निशादेही पर दिल्ली स्थित पूर्वी इंटरप्राइजेस, श्री साई इंटरप्राइजेस को सील किया गया। सुमित पिता श्यामसुंदर माखरिया उम्र 40 साल निवासी दिल्ली और पंकज पिता देवीसीबाई बाबरिया उम्र 43 साल निवासी गुजरात को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके साथ साथ ही डाई के आधार पर एल्यूमिनियम शीट पर प्रिंट कर उपलब्ध करवाने वाले हिन्दुस्तान टीन प्रिंटर्स मुडका नई दिल्ली के पवन पाण्डेय को भी गिरफ्तार किया गया। इन्हें न्यायालय पेश किया गया है। आरोपी पंकज की निशादेही पर अहमदाबाद में एक फैक्ट्री सील की गई ।

आरोपियों से पुलिस ने जब्त की ये सामग्री

आरोपी सुमित एवं पवन से शराब की बोतल पर लगने वाले 3200 ढक्कन बरामद किए गए हैं। ये सभी अलग अलग राज्यों के है। 2 मोबाइल फोन, राजस्थान स्टेट शुगर मिल की एल्युमिनियम शीट पर प्रिंट, एल्युमिनियम की शीट 4000 नग लगभग 03 लाख रुपए कीमत की टीन की शीट 3300 नग 1 लाख रुपए, लोहे की टीन प्रिंटिंग मशीन का सेट, शीट कटर मशीन, आईल मशीन, लोहे की प्रेस मशीन, लोहे की नरलिंग मशीन, ढक्नन बनाने के उपयोग में आने वाली कम्प्रेशर मशीन जप्त की गई है। इसके साथ विभिन्न ब्रांड की शराब बोतलों के 40 हजार नकली ढक्कन भी जब्त किए गए।

कई राज्यों में सप्लाई की नकली सामग्री

सुमित ने पूछताछ में बताया कि उसने साथी संग मिलकर करीब 18 से 20 लाख शराब की बोतल पर लगने वाले ढक्कन बिना परचेस आर्डर के ट्रांसपोर्ट के माध्यम से दिये थे। आरोपी सुमित के द्वारा मध्यप्रदेश के इंदौर, ग्वालियर, टीकमगढ़ इत्यादी जिलों में भी सप्लाई की गई। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, गोवा में ढक्कन, लेबल एवं बारकोड (होलोग्राम) भी सप्लाई किए हैं।

इन ब्रांड्स के बन रहे थे ढ़क्कन

दोनों आरोपी कच्चा प्लास्टिक का माल, डाई से इम्पीरियल ब्लू, मैकडाव्ल्स , ब्लैडंर प्राइड, सीग्राम्स, एमडी सिल्वर, एमडी गोल्डन, आईबी आदि शराब ब्रांड की बोतल के ढक्कन बनाते थे। माल सप्लाई करने के लिये हरि प्लास्टिक नाम की फैक्ट्री का फर्जी बिल बनाकर जिसमें फर्जी जीएसटी नम्बर, स्टाम्प सील लगाकर नकली शराब के ढक्कन महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गोवा, राजस्थान में भेजते थे।

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