धार में भीषण गर्मी और लू का तांडव, 41 डिग्री पहुंचा पारा

धार, अग्निपथ। अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही धार जिले में भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। चिलचिलाती धूप और आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने इस सीजन के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भीषण गर्मी का असर केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे अघोषित कर्फ्यू लगा हो। लोग अब केवल सुबह और शाम के समय ही जरूरी कार्यों के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं।

बिजली और पानी के संकट ने बढ़ाई मुश्किलें

एक तरफ सूरज के तीखे तेवर लोगों को झुलसा रहे हैं, तो दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं का अभाव उनकी परेशानियों में इजाफा कर रहा है। जिले के कई हिस्सों में लोग अघोषित बिजली कटौती और पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गर्मी के कारण पानी की मांग बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति बाधित होने से महिलाओं को पानी के लिए काफी जतन करने पड़ रहे हैं। चिलचिलाती धूप में महिलाएं पानी के लिए संघर्ष करती नजर आ रही हैं। गर्मी का असर व्यापार पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। बाजारों में ग्राहकों की अनुपस्थिति के कारण व्यापारियों का काम मंदा पड़ गया है।

सालों बाद अप्रैल में इतना गर्म रहा मौसम

मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार अप्रैल की गर्मी ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। पिछले साल इसी अवधि में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, जबकि इस वर्ष यह सीधे 41 डिग्री तक जा पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले चार दिनों में ही तापमान में 4 डिग्री की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। रविवार को पारा 41 डिग्री पर रहा, जो अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 18 अप्रैल के बाद एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ स्थानों पर बादल छा सकते हैं, लेकिन यह राहत आंशिक और अस्थाई ही होगी।

स्कूलों का समय बदलने की उठ रही मांग

लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरों को देखते हुए जिले के छात्र संगठनों ने प्रशासन से स्कूलों के समय में परिवर्तन की मांग की है। कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापनों में कहा गया है कि प्रदेश के अन्य जिलों में स्कूलों का समय सुबह की पाली में कर दिया गया है, लेकिन धार में अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। वर्तमान में दोपहर की छुट्टी के समय बच्चों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत बिगड़ने का डर है। प्रशासन का कहना है कि तापमान 42 डिग्री के पार जाने पर ही समय परिवर्तन पर विचार किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिता सिंगारे ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो छतरी, गमछा और धूप के चश्मे का प्रयोग करें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और भरपूर मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। विभाग ने चाय-कॉफी के अधिक सेवन से बचने और बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ने की भी सख्त हिदायत दी है।

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