बीट गार्ड का मोबाइल फोन बंद, बिना सूचना के गायब रहने पर जवाब-तलब की तैयारी
धार, अग्निपथ। धार वन मंडल के अंतर्गत धार रेंज की सब रेंज नीमखेड़ा की उकाला बीट में वन भूमि पर अतिक्रमण की गंभीर सूचना मिलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही जब डिप्टी रेंजर मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे तो वन विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही की परतें उधड़कर सामने आ गईं। मौके पर तैनात संबंधित वन रक्षक आशीष शर्मा बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृति के अपने दायित्व स्थल से अनुपस्थित पाए गए। इस घटनाक्रम ने वन सुरक्षा व्यवस्था, गश्त व्यवस्था तथा कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे मामले धार रेंज में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।
कॉल रिसीव नहीं हुआ, अधिकारी ने खुद मौके पर जाकर बनाया पंचनामा
जानकारी के अनुसार उकाला बीट क्षेत्र में अतिक्रमण और विवाद की सूचना मिलने के तुरंत बाद डिप्टी रेंजर रमेश निगम ने संबंधित वन रक्षक आशीष शर्मा से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क साधने की कोशिश की। हालांकि, वन रक्षक का एक मोबाइल नंबर पूरी तरह से बंद आ रहा था, जबकि दूसरा नंबर चालू होने के बाद भी बार-बार की गई कॉल रिसीव नहीं की गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी रेंजर स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे विवादित बीट क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और तुरंत प्रभाव से पंचनामा तैयार किया। इस दौरान उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूरे घटनाक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र की गई।
पहले अतिक्रमण माना, फिर बयान से पलटे अधिकारी
मामले में आश्चर्यजनक मोड़ तब आया जब अतिक्रमण को लेकर जिम्मेदारों के बयानों में विरोधाभास देखने को मिला। बीट क्षेत्र में जिस अतिक्रमण को अधिकारी पहले स्वीकार कर रहे थे, बाद में उससे मुकरते नजर आए। मामले को आपस की लड़ाई और राजस्व विभाग की भूमि से जुड़ा बताकर टालने का प्रयास किया गया।
उल्लेखनीय है कि नीमखेड़ा और चाकलिया सब रेंज में वन भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। चाकलिया सब रेंज में पूर्व में अतिक्रमणकारियों द्वारा पोल गाड़ दिए जाने और एक स्थान से लोहे के दरवाजे चोरी हो जाने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनका सुराग आज तक विभाग नहीं लगा सका है।
सहकर्मियों को बचाने की कवायद, वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही रिपोर्ट
प्रारंभिक विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अनुपस्थित वन रक्षक ने अपनी गैरहाजिरी के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को किसी प्रकार की कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी थी। इसे विभागीय अनुशासन का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
दूसरी ओर, विभाग के भीतर ही कर्मचारियों द्वारा एक-दूसरे की लापरवाही पर पर्दा डालने और उन्हें बचाने के प्रयास भी देखे जा रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद रेंजर से चर्चा की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस प्रकार की अनियमिता हुई है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल वन विभाग पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने की तैयारी में जुट गया है।
अधिकारियों के वक्तव्य
“नीमखेड़ा सब रेंज की उकाला बीट में अतिक्रमण की सूचना प्राप्त हुई थी। जब मैं मौके पर पहुंचा तो बीट गार्ड नदारद मिला। फोन से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो सकी। उन्होंने अवकाश के संबंध में भी कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी। इस संबंध में लिखित रिपोर्ट रेंजर को प्रस्तुत कर दी गई है।” — रमेश निगम, डिप्टी रेंजर, नीमखेड़ा
“मामले की जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। मैं इस संबंध में संबंधित एसडीओ से बात करके पूरी निष्पक्ष जांच करवाता हूं। यदि जांच में कोई अवैध गतिविधि, अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।” — विजयनंथम टीआर, डीएफओ, धार

