धार, अग्निपथ। धार जिले के धामनोद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुजरी डेहरिया में बुधवार का दिन दहशत और अफरा-तफरी के नाम रहा। भोजन और पानी की तलाश में बड़वाह के जंगलों से भटककर आए एक खूंखार तेंदुए ने रिहायशी बस्ती में घुसकर कोहराम मचा दिया। अचानक हुए इस हमले में एक महिला और वनरक्षक सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेंदुए के हमले से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ग्यारसी लाल की अदम्य बहादुरी
इस खौफनाक मंजर के बीच ग्यारसी लाल नामक युवक की जांबाजी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जब तेंदुआ नाले के किनारे भाग रहा था, तब ग्यारसी लाल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तेंदुए का सामना किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए की गर्दन दबोच ली और उसे रोकने का प्रयास किया। हालांकि, तेंदुआ अत्यंत आक्रामक था, जिसके कारण उसे अधिक समय तक काबू में रखना असंभव हो गया। अपनी जान बचाने के लिए अंततः युवक को पीछे हटना पड़ा। इसके अलावा वनरक्षक दत्तू सिंह ठाकुर ने भी निडरता का परिचय देते हुए तेंदुए से मुकाबला किया।
पाइप में कैद हुआ तेंदुआ
तेंदुए ने बस्ती में घुसते ही सड़क पर जा रहे राहगीरों और ग्रामीणों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। हमले में वनरक्षक दत्तू सिंह ठाकुर, महेश वास्केल, ग्यारसी लाल सोलंकी, कांताबाई राठौड़ और विकास पिता गोकुल डावर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल गुजरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला मुख्यालय उपचार हेतु रेफर किया गया है। वर्तमान में तेंदुआ एक संकरे पाइप के भीतर घुस गया है। वन विभाग ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पाइप के एक सिरे को बंद कर दिया है और दूसरे सिरे पर पिंजरा लगा दिया है, ताकि उसे सुरक्षित पकड़ा जा सके।
ड्रोन से निगरानी और ग्रामीणों का गुस्सा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं। तेंदुए की सटीक स्थिति जानने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कहीं आसपास अन्य वन्यप्राणी तो नहीं हैं, ड्रोन स्क्वाड की मदद ली जा रही है। इंदौर से भी ट्रेंकुलाइज करने वाली विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया था, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तेंदुए को बेहोश किया जा सके। हालांकि, स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जंगलों में पानी की कमी और पेड़ों की अवैध कटाई के कारण जंगली जानवर गांवों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए।
