महाकालेश्वर मंदिर के फोटोग्राफर्स 150 रुपए में दे रहे मोबाइल पर फोटो

प्रतिबंध के बावजूद एक दर्जन से अधिक सक्रिय, विवाद की स्थिति भी बन रही

उज्जैन, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मोबाइल पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बावजूद मंदिर के कुछ फोटोग्राफर्स ने एक नया तरीका पैसा कमाने का जुगाड़ लिया है। फोटो की प्रिंट देने की जगह उनका फोटो सोशल मीडिया पर सेंड कर मोटी कमाई करना शुरु कर दिया है। इसको लेकर विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है। करीब एक दर्जन से अधिक फोटाग्राफर्स के दलाल इस काम में सक्रिय हैं।

महाकालेश्वर मंदिर में काफी समय से मोबाइल पर प्रतिबंध को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल मंदिर परिसर में ले जाकर यहां पर फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाले जा रहे थे। भगवान के दर्शन करने की जगह सेल्फी लेने को लेकर श्रद्धालु उत्साहित नजर आ रहे थे। ऐसे में मंदिर परिसर सहित अन्य जगहों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती थी।

जिसके चलते क्राउंड मैनेज की समस्या से मंदिर प्रशासन को जूझना पड़ रहा था। लेकिन महाकाल लोक का निर्माण हो जाने के बाद कलेक्टर आशीषसिंह ने मंदिर में मोबाइल पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये थे। प्रवेश द्वारों पर चैकिंग की जाने लगी और मोबाइल लेकर आने पर 200 रु. का जुर्माना भी लगाया जाने लगा। इसको देखते हुए अब मंदिर में मोबाइल चलाना एक तरह से बंद हो गया है।

रोजी-रोटी हो रही थी प्रभावित

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये दो शिफ्ट में फोटाग्राफर्स को तैनात किया है। जोकि श्रद्धालुओं के फोटो खींचकर उनको 10 से 15 मिनट में इसकी प्रिंट उपलब्ध करवा देते हैं। एक 6 बॉय 8 के फोटो के फोटोग्राफर्स 50 रु. ले रहे हैं। मोबाइल परिसर में चलाये जाने से फोटोग्राफर्स की रोजीरोटी प्रभावित हो रही थी। इसको लेकर उन्होंने मंदिर प्रशासन को मोबाइल प्रतिबंधित करने को लेकर कई बार आग्रह किया था। लेकिन बात नहीं बन पा रही थी। बाद में मोबाइल पर प्रतिबंध लगा तो फोटोग्राफर्स की आय भी बढ़ गई।

नया तरीका निकाला पैसा कमाने का

फोटोग्राफर्स की आय तो बढ़ी लेकिन कई कतिपय फोटोग्राफर्स ने पैसा अधिक कमाने के लिये नया तरीका निकाला है। उन्होंने फोटो खींचकर श्रद्धालुओं के मोबाइल पर वाट्सअप करना शुरु कर दिया है। इसमें उनको प्रति श्रद्धालु 50 की जगह 150 रु. मिल रहे हैं। लेकिन इसको लेकर विवाद भी शुरु हो गये हैं।

समय पर श्रद्धालु के मोबाइल पर फोटो सेंड नहीं किये जाने से कई बार श्रद्धालु परिसर में आकर इनकी लू भी उतार रहे हैं। इनका फोटो आदान प्रदान करने का क्षेत्र पांच नंबर गेट के चढ़ाव के नीचे स्थित पानी के प्याऊ के पास की जगह बनी हुई है। यहीं पर श्रद्धालुओं से डीलिंग की जाती है।

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