उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल थाना क्षेत्र स्थित सदावल के प्रसिद्ध दादूराम आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने शुक्रवार रात उनके खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वारदात के सामने आने के बाद शनिवार सुबह जब पुलिस टीम महामंडलेश्वर को गिरफ्तार करने आश्रम पहुंची, तो वह मौका पाकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस की टीमें उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि के बाद हुई कार्रवाई
पीड़िता ने तीन दिन पहले एसपी कार्यालय में आवेदन देकर महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत के बाद महाकाल थाने की एसआई नेहा सिंह मामले की पड़ताल कर रही थीं। शुक्रवार शाम को पीड़िता ने थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए और साक्ष्य प्रस्तुत किए। इसके बाद पुलिस ने महिला का मेडिकल परीक्षण करवाया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो गई।
टीआई गगन बादल ने बताया कि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी ज्ञानदास के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होते ही बीते पांच दिनों से चल रहे नाटकीय घटनाक्रम का पटाक्षेप हो गया।
नौकरी का झांसा, गुप्त शादी और धोखा
पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि ज्ञानदास ने उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर नजदीकियां बढ़ाईं। इसके बाद नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि महाराज ने आश्रम में ही उससे गुप्त रूप से विवाह किया था और इसके फोटो-वीडियो भी बनवाए थे। जब वह गर्भवती हुई, तो डरा-धमकाकर उसका गर्भपात करा दिया गया।
व्हाट्सएप चैट हुई वायरल, दावों की खुली पोल
मामले की जांच के दौरान ज्ञानदास ने खुद को निर्दोष बताते हुए हनीट्रैप का शिकार होने का दावा किया था। उनका कहना था कि महिला उन्हें ब्लैकमेल कर 25 लाख रुपये या आश्रम अपने नाम करने की मांग कर रही थी। हालांकि, ज्ञानदास अपने पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।
इसके विपरीत, पीड़िता ने ज्ञानदास के साथ हुई व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक कर दी। इस चैट में गर्भपात कराने के लिए डॉक्टर के पास जाने की बात कही जा रही थी, जिससे महामंडलेश्वर के दावों की हवा निकल गई।
पुलिस मोबाइल ट्रेस कर कर रही तलाश
शुक्रवार रात केस दर्ज होने के बाद से ही महामंडलेश्वर ज्ञानदास का मोबाइल फोन बंद आ रहा है। शनिवार सुबह आश्रम पहुंची पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस अब आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

