शाजापुर, अग्निपथ। अकोदिया मंडी के वार्ड क्रमांक 8 में शराब के नशेड़ियों के हुड़दंग और असुरक्षा से परेशान रहवासियों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। रिहायशी इलाके में शराब ठेका खोले जाने के विरोध में महिलाओं, पुरुषों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शुजालपुर रोड पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। दो घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा और मौके पर ही विवादित शराब ठेके को सील करने की कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक अनदेखी पर सड़क पर उतरा जनसैलाब
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि घनी आबादी वाले क्षेत्र से शराब दुकान हटाने के लिए तीन दिन पूर्व ही तहसीलदार, नगर परिषद और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया था। प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज सैकड़ों वार्डवासी सुबह 11 बजे सड़क पर उतर आए। चक्काजाम के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार कन्हैया लाल चौहान और थाना प्रभारी संजयसिंह राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ठेके को पुरानी जगह स्थानांतरित करने का आश्वासन देकर दुकान को सील करवाया।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा
स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में रहवासियों ने प्रशासन को बताया कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह दूषित हो चुका है। आसपास किराने की दुकानें और चक्की होने से महिलाओं और बच्चों का यहां निरंतर आवागमन रहता है। शराब के नशे में धुत लोग सड़कों पर पड़े रहते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे क्षेत्र की महिलाओं को भारी असुरक्षा और शर्मिंदगी महसूस होती है। नागरिकों ने स्पष्ट किया कि रिहायशी क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एफआईआर होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रशासनिक आश्वासन के बाद जाम तो खोल दिया गया, लेकिन वार्डवासियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को लेकर किसी भी नागरिक पर पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया, तो भविष्य में और भी उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक इस शराब ठेके को रिहायशी इलाके से पूरी तरह और स्थायी रूप से हटा नहीं दिया जाता।
