शाजापुर, अग्निपथ। शाजापुर में आसमान से बरस रही आग ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह की पहली किरण के साथ ही शुरू होने वाली तल्खी दोपहर तक आते-आते बर्दाश्त के बाहर हो रही है। गर्मी का आलम यह है कि घर से बाहर निकलते ही गर्म हवा के थपेड़े सुलगते तंदूर जैसा अहसास करा रहे हैं। अप्रैल के महीने में ही मई-जून जैसी भयंकर तपिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है, जिसके चलते शहर की व्यस्त सड़कें दोपहर के समय सन्नाटे में डूबी नजर आ रही हैं। मौसम के बदलते तेवर बता रहे हैं कि इस बार गर्मी पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर है।
तापमान में बेतहाशा बढ़ोतरी और लू का प्रकोप
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान छलांग लगाकर 43.3 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब गर्म होने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उत्तर-पश्चिम दिशा से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सूखी और गर्म हवाओं ने पूरे क्षेत्र को लू (हीटवेव) की चपेट में ले लिया है। वातावरण में नमी का स्तर गिरकर मात्र 26 प्रतिशत रह गया है, जिससे हवा में भारी रूखापन महसूस किया जा रहा है जो सीधे त्वचा को झुलसा रहा है।
शुष्क हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल, विशेषज्ञ की सलाह
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी दिशा से लगातार आ रही शुष्क और गर्म हवाएं ही तापमान में इस बेतहाशा बढ़ोतरी का मुख्य कारण हैं। हवा में नमी की भारी कमी के कारण लू का खतरा कई गुना बढ़ गया है। वातावरण में छाई इस रूखी तपिश के बीच उन्होंने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम को हल्के में लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए।
बचाव के लिए बरतें विशेष सावधानी
भीषण गर्मी और लू के सीधे प्रहार से बचने के लिए विशेषज्ञ ने शहरवासियों को सलाह दी है कि वे खुद को निरंतर हाइड्रेटेड रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। घर से बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर रखें ताकि सीधी धूप और गर्म हवाओं के संपर्क से बचा जा सके। बदलती मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना अनिवार्य है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और भी तीखे होने की संभावना जताई जा रही है।
