महाकाल लोक में गिरी सप्तऋषि प्रतिमा की जांच के लिए कांग्रेस टीम उज्जैन पहुंची, शुभारंभ की जल्दबाजी में किया भ्रष्टाचार, अब पोल खुल रही
उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल लोक में आंधी तूफान से गिरी सप्तऋषि की प्रतिमाओं की जांच के लिए कांग्रेस की जांच कमेटी उज्जैन पहुंची। इसका नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि शिवराज सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उद्घाटन कराने की इतनी जल्दी थी कि उन्होंने नियम को ताक पर रखते हुए जनता के जान से खिलवाड़ किया और भ्रष्टाचार करते हुए घटिया स्तर का निर्माण कार्य करा लिया।
उन्होंने अपने साथ आए एक्सपर्ट के हवाले से दावा किया कि तीन लाख की मूर्ति का महाकाल मंदिर समिति ने 11 लाख रुपए भुगतान किया है। मूर्ति अस्सी प्रतिशत कमीशन के चक्कर में महंगी हुई। अभी तक प्रदेश में पचास प्रतिशत कमीशन चलता था। परन्तु उज्जैन में यह ्अस्सी प्रतिशत पर पहुंच गया है।
पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी
पत्रकारों से महाकाल लोक में चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि शिवराज ने अपना महिमा मंडन करने की जल्दबाजी में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया। भ्रष्टाचार के मामले में भगवान महाकाल को भी नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि खंडित मूर्ति को फिर से लगाने का दावा सरकार और प्रशासन कर रही है। जबकि किसी भी परिसर में खंडित मूर्तियों को नहीं लगाया जा है। यह भयानक भ्रष्टाचार का उदाहरण हैं। लाखों लोगों की जान की परवाह न करते हुए भ्रष्टाचार करने वालों को महाकाल और जनता माफ नहीं करेगी।
उनके साथ शोभा ओझा, केके मिश्रा, मुरली मोरवाल, रवि भदौरिया, चेतन यादव, रवि राय, माया त्रिवेदी, राजेंद्र वशिष्ठ, अशोक भाटी, भरत शंकर जोशी, देवव्रत यादव, इनरान खान, भुरु गौड, मुजीब सुपारीवाला, श्रवण शर्मा, गीता यादव, विक्की यादव मनीष शर्मा, अभिषेक लाला, योगेश चुन्नू शर्मा, अरूण वर्मा, नूरी खान, बबलू खींची, राहुल गेहलोत, अशफान उल्ला आदि मौजूद थे।
एक्सपर्ट बोले तीन लाख में बनाकर देता मूर्तियां
कांग्रेस जांच कमेटी के साथ मूर्तियां निर्माण में एक्सपर्ट सुंदर गुर्जर, रिंकू भाई भी मौजूद थे। सुंदर गुर्जर ने कहा कि जो मूर्तियां बनाकर 11 लाख रुपए में दी गई हैं। वे मूर्तियां वे तीन लाख रुपए में बनाकर दे देते। 80 प्रतिशत पैसा कमीशन में दिया गया है। इसलिए यह मूर्तियां 11 लाख रुपए में पड़ी है। इन मूर्तियों के निर्माण में भी कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। कई मापदंडों का पालन नहीं किया गया है। इसकी वजह से मूर्तियां गिरी हैं।