कांग्रेस का सडक़ चौड़ीकरण और मुआवजे को लेकर हल्लाबोल, प्रभावितों ने बनाई दूरी

तख्तियां लेकर किया पैदल मार्च, निगम गेट पर धरने पर बैठे, विधायक और निगम प्रशासन पर साधा निशाना

उज्जैन, अग्निपथ। शहर में चल रहे सडक़ चौड़ीकरण के मुद्दे और प्रभावितों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय पर उग्र प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मजदूर संघ कार्यालय से नगर निगम तक पैदल मार्च निकाला।

हाथों में तख्तियां लिए कांग्रेसजनों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और विरोध स्वरूप निगम गेट पर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए। लेकिन देखने वाली बात तो यह रही कि जिनके लिये हल्लाबोल कार्यक्रम आयोजित किया गया था, उन्ही लोगों से इनसे दूरी बनाकर रखी।

इस दौरान निगमायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने शहर के नागरिकों के हित में कई प्रमुख मांगें रखीं। ज्ञापन में पिपलीनाका और गढक़ालिका मार्ग की चौड़ाई 80 फीट करने, एम.आर. 4 मार्ग की चौड़ाई 60 फीट करने, तथा महाकाल, पटनी बाजार और गोपाल मंदिर मार्ग के व्यापारियों की चौड़ीकरण के संदर्भ में की जा रही मांगों पर विचार करने के लिए कहा गया है। साथ ही, विकास योजना 2035 के अनुसार मार्गों की चौड़ाई कम करने पर विचार करने और नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 305 एवं 306 के तहत सभी प्रभावितों को क्षतिपूर्ति (मुआवजा) राशि प्रदान करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

ज्ञापन में यह भी याद दिलाया गया कि सिंहस्थ 2004 और 2016 के चौड़ीकरण कार्यों में भी मुआवजा दिया गया था। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी और महाकालेश्वर मंदिर समिति भी मुआवजा दे रही है, लेकिन नगर निगम अधिनियम में प्रावधान होने के बावजूद मुआवजा नहीं दे रहा है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य पत्र के माध्यम से कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में निर्माण कार्यों को स्वीकृत करने तथा पर्याप्त मात्रा में सफाई कर्मचारियों और कचरा वाहनों की सुचारू व्यवस्था करने की भी मांग की गई।

उत्तर के विधायक को भी आड़े हाथों लिया

धरने को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने मांग की कि पिपलीनाका और एमआर-4 क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा दिया जाए। भाटी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी जनहित के विकास की पक्षधर है, लेकिन आम जन के साथ होने वाले किसी भी अन्याय के खिलाफ पूरी ताकत के साथ खड़ी है। इस दौरान उन्होंने उज्जैन उत्तर के विधायक को भी आड़े हाथों लिया।

उन्होंने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि जिनका जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पार्टी हर पीडि़त आम जन के साथ मजबूती से खड़ी है।

इस विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. रवि राय, पार्षद माया त्रिवेदी और राजेंद्र वशिष्ठ ने भी सभा को संबोधित किया। इसके अलावा पार्षद गब्बर कुवाल, अर्पित दुबे, छोटेलाल मंडलोई, परमानंद मालवीय और सपना सांखला ने भी अपने विचार रखे। संगठन महासचिव अजय राठौर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रभान सिंह चंदेल ने किया।

चौड़ीकरण में प्रभावित ने हल्लबोल से बनाई दूरी

एक ओर जहां कांग्रेस सडक़ चौड़ीकरण में प्रभावितों के हितों की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर इस हल्लाबोल कार्यक्रम से शहर के चौड़ीकरण से प्रभावितों ने दूरी बनाकर रखी। यह कार्यक्रम और भी विराट हो सकता था लेकिन पीपलीनाका, एमआर-4 के प्रभावितों और पटनी बाजार के व्यापारियों ने इस हल्लबोल कार्यक्रम में आना उचित नहीं समझा। उनको इस बात की तो समझ है कि यदि वे इस कार्यक्रम में शामिल होते तो उनका काम और भी नहीं बन पाता

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