बदनावर, अग्निपथ। बदनावर तहसील के ग्राम बालोदा में बुधवार दोपहर एक कृषि फार्म हाउस पर आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा क्षेत्र दहल उठा। इस भीषण अग्निकांड में बाड़े में बंधे 8 पशुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 अन्य मूक पशु बुरी तरह झुलस गए। मरने वाले पशुओं में गाय, भैंस और बछड़े शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार सुरेश नागर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित किसान को सांत्वना देते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए।
धूं-धूं कर जला बाड़ा, मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषक गोपाल पिता कन्हैयालाल माली का दांगीखेड़ी मार्ग पर स्थित खेत पर फार्म हाउस बना हुआ है। भीषण गर्मी के कारण बुधवार दोपहर करीब 1 बजे जब पशु बाड़े में बंधे हुए थे, तभी अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया। बाड़े में मौजूद पांच गाय, दो भैंस और बछड़ों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे आग की चपेट में आ गए। इस हादसे में लगभग 12 लाख रुपये की पशु हानि होने का अनुमान लगाया गया है।
फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों ने पाया काबू
आग की लपटें देख बड़ी संख्या में ग्रामीण मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही बदनावर नगर परिषद से दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर रवाना किए गए। फायर ब्रिगेड चालक लक्ष्मीनारायण परमार, नरेंद्र कुमार रील, और फायरमैन नितिन गोसर व योगेंद्रसिंह पंवार ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में गेहूं का भूसा (सुक्ला) भरा होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हुई। भूसे के ढेर में सुलग रही आग को पूरी तरह शांत करने में घंटों का समय लगा।
शॉर्ट सर्किट हो सकता है आग का कारण
प्रारंभिक जांच और फायर ब्रिगेड अमले के अनुसार, आग लगने का संभावित कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट (फाल्ट) माना जा रहा है। घटना के बाद झुलसे हुए पशुओं के उपचार के लिए तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया, जो गंभीर रूप से घायल मवेशियों को बचाने का प्रयास कर रही है। किसान का यह फार्म हाउस गांव की मुख्य आबादी से कुछ दूरी पर स्थित होने के कारण राहत कार्य शुरू होने तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।
