डेढ़ महीने से चक्कर काट रहे अन्नदाता ने नृत्य कर जताया विरोध
धार, अग्निपथ। कर्ज चुकाने के बावजूद बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के लिए एक किसान को ऐसा अनूठा रास्ता अपनाना पड़ा कि बैंक प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। सोमवार सुबह जैसे ही मांडू रोड स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) की शाखा खुली, ग्राम चंदवाड़ा निवासी किसान विजय पाटीदार अपने परिजनों और ढोल के साथ वहां जा पहुंचे। बैंक परिसर के भीतर ढोल की थाप पर किसान और उनके परिवार ने नृत्य करना शुरू कर दिया। इस मंजर को देखने के लिए बैंक के बाहर बड़ी संख्या में राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।
13 लाख रुपये का कर्ज चुकाने पर भी नहीं मिली एनओसी
किसान विजय पाटीदार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत बैंक से करीब 13 लाख रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण को उन्होंने डेढ़ महीने पहले ही पूरी ईमानदारी के साथ चुकता कर दिया था। नियमानुसार कर्ज जमा होने के तत्काल बाद बैंक को एनओसी जारी करनी चाहिए थी, लेकिन बैंक कर्मचारी पिछले 45 दिनों से उन्हें लगातार चक्कर लगवा रहे थे। हर बार कोई न कोई तकनीकी बहाना बनाकर उन्हें बैरंग लौटा दिया जाता था।
बैंक की इस लचर कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के टालमटोल वाले रवैये से तंग आकर किसान ने गांधीवादी तरीके से विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया।
बैंक प्रबंधन ने दो दिन का दिया आश्वासन
बैंक के भीतर अचानक हुए इस शोर-शराबे और नृत्य के बाद अधिकारी तुरंत हरकत में आए। करीब पौन घंटे तक चले इस हंगामे के बाद बैंक मैनेजर ने किसान से चर्चा की और एनओसी में हो रही देरी के कारणों पर स्पष्टीकरण दिया। बैंक प्रबंधन ने अपनी गलती स्वीकारते हुए किसान को आश्वासन दिया कि आगामी दो दिनों के भीतर उन्हें एनओसी प्रदान कर दी जाएगी।
इस भरोसे के बाद किसान का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि किस प्रकार एक आम किसान को अपने ही हक के लिए इस तरह के जतन करने पड़ रहे हैं।
