धार, अग्निपथ। बुधवार रात का वह मंजर जिसने पूरे धार जिले को झकझोर कर रख दिया। हर आंख नम थी, हर दिल सहमा हुआ था। पेट पालने के लिए दिनभर मजदूरी कर घर लौट रहे लोगों को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। तिरला बायपास पर चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अब तक 16 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है।
गुरुवार सुबह जिला अस्पताल में पीएम के बाद सभी शवों को उनके गांव भेजा गया। एक साथ इतने शवों को भेजने के लिए शव वाहन ही कम पड़ गए। जिला प्रशासन की सूचना पर झाबुआ, रतलाम सहित उज्जैन से वाहनों को बुलाया गया। हादसे में ग्राम नयापुरा के 9 लोग, सेमलीपुरा के 5 लोग और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई है, सभी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह अलग-अलग श्मशान घाट पर किया गया।
एनएचएआई की लापरवाही आई सामने, नहीं थे संकेतक
घटना स्थल का निरीक्षण करने के लिए डीआईजी ग्रामीण मनोज कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। डीआईजी सिंह ने चर्चा में बताया कि प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह ओवर स्पीडिंग सामने आ रही है। साथ ही रोड इंजीनियरिंग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गलती सामने आई है। यहां टर्न पर न तो साइन बोर्ड लगे हैं और न ही स्टॉप सिग्नल है। हम इन सभी बिंदुओं को लेकर संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा, ताकि आगामी दिनों में इस प्रकार के हादसों की पुनरावृत्ति नहीं हो।
दरअसल तिरला थाना अंतर्गत चिकलिया फाटे पर बुधवार रात 8-30 बजे हादसा हुआ था। वाहन की गति अधिक होने के दौरान पिकअप का टायर फटा व स्कार्पियों से टकरा गया। हादसे में मजदूर पिकअप से बाहर गिर गए थे, जिसके कारण ही मृतकों की संख्या बढ़ी है। पिकअप वाहन में 44 मजदूर सवार थे, सभी मजदूर ग्राम लेबड़ में एक खेत पर चकंदर काटने गए थे, जहां से मजदूरी करके गांव लौट रहे थे। महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी थे। रात में ही एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों से घायलों व शवों को धार जिला अस्पताल भेजा गया।
नयापुरा और सेमलीपुरा में मची चीख-पुकार
हादसे में मृत नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों का अलग-अलग मुक्तिधामों में अंतिम संस्कार किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी रामपुरा, सेमलीपुरा एवं नवापुरा पहुंचकर कल हुए भीषण सड़क हादसे में दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब नयापुरा और सेमलीपुरा गांव में मृतकों के शव पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख नम हो गई। चीख-पुकार और सिसकियों के बीच एक ही परिवार के आठ सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
नयापुरा में एक ही चिता पर 8 अपनों को दी विदाई
नयापुरा गांव में जैसे ही शवों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक सुनीता डाबर के परिजन नवीन ने बताया, मेरे रिश्तेदार का पूरा कुटुंब खत्म हो गया है। 8 लोगों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर कर दिया गया है, जबकि एक और शव इंदौर से लाया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में वाहनों के पलटने के हादसे अक्सर होते रहते हैं, लेकिन काल के इस क्रूर प्रहार ने पहली बार एक साथ इतनी जानें ली हैं।
सेमलीपुरा का हृदयविदारक दृश्य: मां, बेटी और बहू एक साथ पंचतत्व में विलीन
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हादसे का सबसे मार्मिक दृश्य सेमलीपुरा में देखने को मिला। यहां एक ही परिवार की चार महिलाओं का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। ये चारों महिलाएं आपस में मां, बहन, बेटी और भाभी थीं। जब चारों की एक साथ शव यात्रा निकली, तो पूरे गांव के लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए। वहीं, दो अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार रामपुरा में किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा वरिष्ठ डॉक्टरों से चर्चा कर घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। भाजपा जिलाध्यक्ष निलेश भारती धार के भोज अस्पताल में पीड़ितों से मिले और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
