उज्जैन , अग्निपथ। उज्जैन जिले के भैरवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धूलमऊ में एक दुखद घटना सामने आई है। मंगेतर के परिजनों द्वारा रिश्ता तोड़ने, उसकी शादी दूसरी जगह तय करने और लगातार दर्ज कराए जा रहे पुलिस मुकदमों से परेशान होकर एक 24 वर्षीय युवक ने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया है।
सगाई टूटने के बाद बढ़ा विवाद, नागझिरी थाने में दर्ज हुआ था केस
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम धूलमऊ निवासी विकास पिता निर्भय (24 वर्ष) की सगाई रनाहेड़ा गांव की रहने वाली शिवांगी नाम की युवती से हुई थी। सगाई के कुछ समय बाद युवती के परिजनों ने अज्ञात कारणों से यह रिश्ता तोड़ दिया और शिवांगी का विवाह किसी अन्य स्थान पर तय कर दिया। इस बात से विकास काफी आहत था।
जब विकास को मंगेतर की दूसरी जगह शादी होने की जानकारी मिली, तो वह युवती को उसके ससुराल से लाकर नागझिरी थाना क्षेत्र में अपने साथ रखने लगा। इस कदम से नाराज युवती के परिजनों ने तत्काल नागझिरी पुलिस थाने पहुंचकर विकास के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करवा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
कोर्ट से मिली थी अग्रिम जमानत, फिर दर्ज हुई फायरिंग की शिकायत
दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद विकास ने कानूनी लड़ाई लड़ी और उसे 22 जुलाई को माननीय न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई। जमानत याचिका स्वीकार होने के बाद विकास राहत महसूस करते हुए अपने घर लौट आया था। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि युवती के पक्ष के लोग उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।
मृतक के भाई लाला उर्फ शिवम ने बताया कि जमानत पर छूटकर आने के बाद भी विरोधी पक्ष शांत नहीं हुआ। शिवांगी के परिजनों ने विकास को दोबारा झूठे मामले में फंसाने की नीयत से पानबिहार थाने में एक और शिकायत दर्ज करा दी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया कि विकास ने उनके घर जाकर जानलेवा फायरिंग की है। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण की जांच शुरू कर दी थी।
मुकदमों के डर और तनाव में उठाया आत्मघाती कदम
मृतक के भाई के अनुसार, लगातार एक के बाद एक पुलिस केस दर्ज होने और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले में फंसने के डर से विकास अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गया था। पुलिस की कार्रवाई और सामाजिक बदनामी के भय से घबराकर उसने घर पर रखा विषैला पदार्थ गटक लिया।
तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को घटना का पता चला, जिसके बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन जहर का असर पूरे शरीर में फैल जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर भैरवगढ़ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने मृतक के परिजनों तथा भाई के विस्तृत बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

