भिंड पुलिस ने पकड़ा वकालत छात्रों का फर्जीवाड़ा
भिंड, अग्निपथ। भिंड जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कानून की पढ़ाई कर रहे युवाओं द्वारा संचालित एक बेहद चालाक वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को पकड़ा गया है। आरोपियों की कार्यप्रणाली इतनी शातिर थी कि वे पहले चार पहिया वाहनों को किराए पर लेते थे। इसके बाद कूटरचित रजिस्ट्रेशन कार्ड और फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर उन्हें सीधे-साधे खरीदारों को बेच देते थे।
तकनीक का इस्तेमाल कर दोबारा करते थे हाथ साफ
वाहन बेचने के बाद असली खेल शुरू होता था। आरोपियों ने गाड़ियों में पहले से जीपीएस डिवाइस छिपा रखा होता था। वाहन खरीदने वाला व्यक्ति बेफिक्र होकर गाड़ी चलाता था, जबकि गिरोह के सदस्य मोबाइल पर उसकी लोकेशन ट्रैक करते रहते थे। दो से चार दिनों के भीतर मौका मिलते ही आरोपी रात के अंधेरे में वही गाड़ी दोबारा चुराकर रफूचक्कर हो जाते थे। यदि कोई पीड़ित विरोध करता था या पुलिस में जाने की धमकी देता था, तो उसे नामी बदमाशों से धमकवाया जाता था।
बीमारी का बहाना बनाकर ऐंठे रुपये
एक फरियादी ने बताया कि आरोपी ने अपनी बेटी की गंभीर बीमारी का झूठा हवाला देकर चार लाख रुपये में वैगनआर कार का सौदा किया था। एक लाख अड़सठ हजार रुपये नकद लेने और एक हजार रुपये के स्टाम्प पर फर्जी लिखापढ़ी करने के बाद अगले ही दिन घर के बाहर से कार गायब कर दी गई।
कानून और प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र निकले आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक एसएससी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरा विधि संकाय के अंतिम वर्ष का छात्र है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कार, फर्जी दस्तावेज और तीस हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरोह के दो फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश जारी है।

