धार, अग्निपथ। मोबाइल और ऑनलाइन लेन-देन की बढ़ती सुविधा अब साइबर ठगों के लिए लोगों की जमा पूंजी तक पहुंचने का आसान जरिया बन गई है। जिले में ऑनलाइन ठगी का जाल तेजी से फैल रहा है, जहां जागरूक लोग भी इनके नए-नए पैंतरों का शिकार बन रहे हैं।
जिले में एक ही दिन में साइबर अपराध के चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें डॉक्टर, युवक, गृहिणी और एक कर्मचारी ठगी का शिकार हुए हैं। ठगों ने क्रेडिट कार्ड सक्रिय करने, यूपीआई और फोन-पे के बहाने लोगों का भरोसा जीता और देखते ही देखते खातों से हजारों से लेकर करीब एक लाख रुपये तक उड़ा दिए। साइबर जागरूकता अभियानों के बावजूद लोगों की एक छोटी सी गलती भारी पड़ रही है। पुलिस और साइबर सेल लगातार सतर्कता की अपील कर रहे हैं, लेकिन अज्ञात फोन कॉल और संदिग्ध लिंक के झांसे में आकर लोग अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
पहला मामला: चिकित्सक के यूपीआई से उड़ाए एक लाख रुपये धार शहर के चिकित्सक डॉक्टर केसी जिंदल साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। पुलिस के अनुसार 10 अगस्त की सुबह से 12 अगस्त की रात के बीच अज्ञात आरोपी ने उनकी यूपीआई आईडी का अनाधिकृत उपयोग करते हुए अलग-अलग किश्तों में कुल एक लाख रुपये खाते से निकाल लिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरा मामला: क्रेडिट कार्ड चालू करने के नाम पर 62 हजार की चपत कुक्षी के गवली मोहल्ला निवासी 35 वर्षीय हरेराम बृजवासी को क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने के नाम पर ठगा गया। 4 अगस्त को अज्ञात नंबर से आए फोन पर झांसा देकर ठग ने प्रक्रिया पूरी कराई। शुरुआत में खाते से 80 रुपये कटे, जिसे वापस करने का भरोसा देकर शाम तक कुल 61,201 रुपये और काट लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है।
तीसरा मामला: महिला के खाते से 50 हजार रुपये गायब धार शहर के क्विस पार्क क्षेत्र की निवासी 50 वर्षीय महिला भी ऑनलाइन जालसाजों के हत्थे चढ़ गईं। 9 अगस्त की रात से 12 अगस्त की शाम के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी करते हुए महिला के बैंक खाते से लगभग 50 हजार रुपये पार कर दिए। कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
चौथा मामला: शराब दुकान कर्मचारी के फोन-पे से 97 हजार पार कानवन थाना क्षेत्र के ग्राम बिडवाल स्थित शासकीय शराब दुकान पर कार्यरत 39 वर्षीय गोपाल यादव (मूल निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) के फोन-पे खाते से अज्ञात ठग ने 97 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर लिया। साइबर शाखा भोपाल से ई-एफआईआर प्राप्त होने के बाद कानवन पुलिस ने 12 अगस्त को मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।
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