13 श्रद्धालु घायल, तीन को भर्ती किया, एक का पैर फ्रैक्चर, प्रशासक ने दी सफाई, कहा कोई घटना नहीं हुई
उज्जैन।नागपंचमी और सावन सोमवार को महाकाल बाबा की सवारी के विशेष संयोग में 364 दिन बाद पट खुले तो महाकाल मंदिर शिखर के तीसरे तल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसी भीड़ के बीच हजारों श्रद्धांलुओं की कतार में सोमवार की सुबह हरसिद्धि के पास करंट की अफवाह फैलने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और बैरिकेड गिर गए। इसमें दबकर 13 लोग घायल हो गए। गंभीर घायल तीन लोगों को उपचार के लिए भर्ती करना पड़ा। बाकि सभी को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।बेरीकेड्स में दबे एक युवक के दोनों पैर दब गए और एक पैर फ्रैक्चर हो गया। जब यह घटना घटित हुई तब कतार में 40 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इधर मंदिर प्रशासन ने किसी भी घटना के होने से इंकार करते हुए सफाई पेश की।
महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में सोमवार को करंट फैलने की अफवाह ने श्रद्धालुओं में दहशत फ़ैल गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की बात सामने आने के बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालु गिरकर और बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस जवान और कर्मचारियों ने व्यवस्था सँभालने के प्रयास किए लेकिन भीड़ का दबाव इतना ज्यादा था कि व्यवस्था गड़बड़ा गई और लोग हताहतहो गए।
ये हुए घायल
घटना के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में इंदु बाई निवासी ढांचा भवन उज्जैन, सागर पुत्र मनीष (19) निवासी किशनपुरा, लक्ष्मीबाई निवासी ढांचा भवन, अनसूया व उनकी मां ममता निवासी गंजबासौदा, हरिश्चंद्र निवासी सिलवासा, वापी (गुजरात), सोनम (18) निवासी ग्वालियर, सुजीत कुमार निवासी दरभंगा (बिहार), खुशी निवासी ग्वालियर तथा तुलसी व उनकी मां रेखाबाई निवासी वलसाड (गुजरात) शामिल हैं।
एक युवक का पैर फ्रैक्चर…
भगदड़ के दौरान बैरिकेडिंग से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। वहीं सागर उर्फ़ लक्की के दोनों पैर दब गए और एक पैर में फ्रैक्चर हो गया।
पुलिस प्रशासन की सांसे फूली लेकिन संभाली व्यवस्था..
घटना के बाद कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित रही। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और श्रद्धालुओं को शांत कराया। करंट फैलने की अफवाह से कुछ देर के लिए मौके पर दहशत का माहौल बन गया।
प्रशासक ने दी सफाई, घटना से इंकार किया
तक़रीबन आधे घंटे बाद स्थिति सामान्य हो गई और दर्शन व्यवस्था निर्बाध रूप से शुरू हुई। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अफरा तफरी जैसी कोई बात नहीं है। श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर रहे हैं। प्रशासक ने घटना छुपाने का प्रयास भी किया, ताकि श्रद्धालु भयभीत ना हो और दर्शन व्यवस्था ना बिगड़े।
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