उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आगरा के एक शातिर बदमाश ने खुद को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अधिकृत ठेकेदार बताकर शहर के एक कैटरर्स को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने पीड़ित से दो लाख रुपये नकद ऐंठ लिए और उसे दिल्ली के एक होटल में छोड़कर उसकी कार समेत रफूचक्कर हो गया। नीलगंगा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक प्रेम नगर नीलगंगा निवासी अजय सूर्यवंशी (पिता जगदीश सूर्यवंशी) कैटरिंग और ठेकेदारी का काम करते हैं। 12 अगस्त को हनुमान नाका चौराहा स्थित एक होटल में चाय पीने के दौरान उनकी मुलाकात तरुण कुमार शर्मा निवासी सिकंदरा, आगरा (उत्तर प्रदेश) से हुई थी। बातचीत के दौरान तरुण ने खुद को बीसीसीआई का बड़ा ठेकेदार बताया।
उसने दावा किया कि वह बोर्ड के अधीन क्रिकेट स्टेडियम और खेल मैदान के निर्माण कार्य के ठेके लेता है तथा जल्द ही उज्जैन में भी स्टेडियम निर्माण का बड़ा काम मिलने वाला है। उसने अजय को भी इस काम में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा दिया और गहरी दोस्ती कर ली।
झांसे में लेकर पहुंचा दिल्ली
अजय सूर्यवंशी ने पुलिस को बताया कि 20 अगस्त को तरुण ने कहा कि उसे तुरंत दिल्ली लौटना है और उसे दो लाख रुपये की सख्त जरूरत है। आरोपी ने अजय को विश्वास दिलाया कि वह उसके साथ अपनी कार से दिल्ली चले, जहां वह रकम वापस लौटा देगा। तरुण की बातों में आकर अजय अपने ससुर पन्नालाल चौहान की कार और दो लाख रुपये नकद लेकर तरुण के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गया। दिल्ली पहुंचकर दोनों महिपालपुर स्थित एक होटल में ठहरे।
होटल में नहाने गया और चंपत हुआ आरोपी
होटल के कमरे में अजय जैसे ही नहाने के लिए बाथरूम में गया, तरुण मौका पाकर दो लाख रुपये नकद और कार की चाबी लेकर रफूचक्कर हो गया। बाथरूम से बाहर आने पर जब अजय को तरुण नहीं मिला, तो उसने तुरंत उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी का फोन बंद आ रहा था। काफी तलाश करने के बाद भी जब तरुण का कोई सुराग नहीं लगा, तब अजय को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
दिल्ली पुलिस ने उज्जैन भेजा, नीलगंगा थाने में मामला दर्ज
घटना के तुरंत बाद पीड़ित अजय शिकायत लेकर दिल्ली के महिपालपुर पुलिस चौकी पहुंचा। हालांकि, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने घटनाक्रम की शुरुआत उज्जैन से होने के कारण मामला सुनने के बाद पीड़ित को उज्जैन जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी। उज्जैन लौटकर अजय ने नीलगंगा थाने में पूरी आपबीती बताई। पुलिस ने अजय की शिकायत पर आरोपी तरुण कुमार शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उसकी हिरासत के बाद ही मामले में अन्य खुलासे हो सकेंगे।

