सिद्धवट कॉरिडोर और सभा मंडप आपस में मिलाए जाएंगे

बारिश नहीं डाल पाएगी क्रिया कर्म, पूजा में बाधा, फोरव्हीलर पार्किंग एवं शेड का निर्माण होगा

उज्जैन, अग्निपथ। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर में विकास कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र विकास शुरू होने के बाद अब सिद्धवट और काल भैरव मंदिर क्षेत्र का भी विकास स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत किया जाएगा। मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने सिद्धवट एवं कालभैरव मन्दिर परिसर क्षेत्र का भ्रमण कर स्मार्ट सिटी द्वारा प्रस्तावित किये गये हैरिटेज कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।

सिद्धवट मंदिर में स्थित मुख्य मार्ग से लेकर मन्दिर के सभा मण्डप तक बनाये गये कॉरिडोर एवं सभा मण्डप के बीच में गेप होने के कारण बारिश का पानी सभा मण्डप में घुस जाता है, इस कारण से बारिश के समय क्रियाकर्म एवं पूजा-पाठ में बाधा उत्पन्न होती है। कलेक्टर ने कॉरिडोर एवं सभा मण्डप को मिलाने के लिये कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये हैं। पृथक से फोरव्हीलर वाहनों के लिये पार्किंग एवं क्रियाकर्म के लिये शेड का निर्माण किया जायेगा।

निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ जितेन्द्रसिंह चौहान मौजूद थे। कलेक्टर ने पंडा समिति की ओर से मौजूद पं.सुरेन्द्र चतुर्वेदी एवं पं.राजेश त्रिवेदी से चर्चा कर सिद्धवट पर किये जाने वाले विभिन्न क्रियाकर्म की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर द्वारा सिद्धवट मन्दिर के मुख्य परिसर से फोरव्हीलर पार्किंग हटाते हुए परिसर का सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिये गये। मुख्य घाट से दाहिनी ओर घाट का विस्तार करने के निर्देश दिये गये।

पंडितों का डाटाबेस होगा तैयार

सिद्धवट के विभिन्न शेड्स जहां पर क्रियाकर्म की विधियां सम्पन्न की जाती हैं, के बांयी ओर मौजूद शासकीय भूमि में फोरव्हीलर पार्किंग एवं नवीन शेड निर्माण कार्य के लिये स्थल निरीक्षण कर उक्त स्थान पर कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिये गये। उक्त स्थान पर आने-जाने के लिये पृथक से मार्ग विकसित किया जायेगा, जिससे मुख्य परिसर पर आवागमन का दबाव कम होगा।

कलेक्टर ने तहसीलदार को सिद्धवट घाट पर क्रियाकर्म की पूजाविधि कराने वाले पंडों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने सिद्धवट के मुख्य मन्दिर को बाढ़ से बचाने के लिये जल संसाधन विभाग द्वारा बनाई गई रिटेनिंग वाल की योजना का पुन: परीक्षण करने के लिये कहा है।

कालभैरव मन्दिर के बाहर होगा सौंदर्यीकरण

कालभैरव मन्दिर के बाहर परिसर का सौंदर्यीकरण एवं प्लाजा विकसित किया जायेगा। मन्दिर के दांहिनी ओर खाली जमीन पर पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्णय लिया गया है। कालभैरव मन्दिर के घाट के विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जायेगा। घाट से लगी मन्दिर की दीवार पर पिचिंग का कार्य किया जायेगा। मन्दिर के अन्दर स्थित बगीचे का जीर्णोद्धार करने के निर्देश दिये गये।

Next Post

सिंधिया समर्थक प्रसन्न...!

Tue Nov 10 , 2020
मध्यप्रदेश के उपचुनाव में परिणाम पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आये हैं। लगभग दो तिहाई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की है। सबसे प्रमुख बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश विजयी उम्मीदवार हजारों वोटों की बढ़त से चुनाव जीते हैं। […]