गोली मारकर हत्या करने वालों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा

देवास, अग्निपथ। शहर के चर्चित समीर राय हत्याकांड में गुरुवार को फैसला आया। न्यायालय ने दोषियों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड में कुल 43 साक्षियों के साक्ष्य करवाए गए थे। करीब 11 माह बाद हत्याकांड में फैसला आया है।

समीर राय 2013 के हत्या के प्रकरण में 2 माह से पैरोल पर जमानत लेकर घर आया था। इस दौरान उसकी गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। प्रकरण गंभीर जघन्य सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में चिन्हित होकर न्यायालय में विचाराधीन था। प्रकरण में कुल 43 साक्षियों के साक्ष्य करवाए गए। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश जिला देवास ने 26 मई को निर्णय पारित कर सभी आरोपियो रोहित शर्मा उर्फ बच्चा, गोविन्द चौधरी, विवेक सिंह उर्फ बबल, विजय उर्फ गंजू एवं कपिल चौधरी को धारा 302/34 एव 120 बी भादसं में आजीवन कारावास एवं 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपित रोहित एवं कपिल को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000-5000 रुपये के अर्थदंड व आरोपित गोविंद को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास व 5000-5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

फोन पर बात करते हुए बाहर आया, तभी गोली मारी गई थी

समीर राय 1 जून को 2021 को लगभग 4:30 बजे मोबाइल पर बात करते हुए घर से बाहर आया था। तभी उसे गोली मार दी थी। फायरिंग की आवाज सुनकर समीर की पत्नी व सास बाहर आए। देखा कि दो लडक़े उनके घर के सामने से भागकर जा रहे है। जिनमें से एक के हाथ में बंदूक थी। एक आगे खड़ा था। फरियादी ने तीनों लोगों को भागते हुए देखा था। समीर राय की छाती पर दाहिनी तरफ गोली लगकर खून बह रहा था। उसे खून से लथपथ हालत में जिला अस्पताल लेकर गए। जहां डाक्टर ने समीर को मृत घोषित कर दिया था।

1 जून को सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया था प्रकरण

हत्याकांड को लेकर 1 जून को थाना सिविल लाइन में पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान फरियादी तथा साक्षियों के कथन एवं घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी कैमरों के वीडियो रिकॉर्डिंग एवं फुटेज के आधार पर अज्ञात आरोपितों की पहचान रोहित शर्मा उर्फ बच्चा, गोविंद चौधरी, विवेक सिंह उर्फ बबल, विजय उर्फ गंजू एवं कपिल चौधरी के रूप हुई थी। आरोपितों को गिरफ्तार कर अन्य आवश्यक अनुसंधान पूर्णकर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

प्ररकण में विवेचना थाना प्रभारी सिविल लाईन संजय सिंह के द्वारा की गई। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का सफल संचालन राजेंद्रसिंह भदौरिया जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं ऊदलसिंह मौर्य, एडीपीओ तथा अति. जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशा शाक्यवार द्वारा किया गया। कार्यालय लिपिक जितेंद्र मोठिया एवं रमेश बर्डे का विशेष सहयोग रहा। जानकारी मीडिया प्रभारी जिला देवास ऊदल सिंह मौर्य द्वारा दी गई।

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