सीहोर, अग्निपथ। सीहोर जिला मुख्यालय के समीप कांकड़खेड़ा स्थित अल्फा प्रोटीन फैक्ट्री एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में है। फैक्ट्री परिसर में भारी मात्रा में गोवंश का चमड़ा मिलने के सनसनीखेज खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी जन-आक्रोश देखा जा रहा है। इस घटना के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में स्थानीय कोतवाली चौराहे पर फैक्ट्री प्रबंधन और संचालक के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया गया।
धार्मिक आस्था और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में फैक्ट्री विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की और फैक्ट्री संचालक आशीष गोयल का पुतला दहन किया। इस मौके पर राजीव गुजराती ने फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह इकाई न केवल पर्यावरण को नष्ट कर रही है, बल्कि हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रही है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में बिना किसी ट्रीटमेंट के केमिकल युक्त और पशुओं के अवशेषों वाला बदबूदार पानी सीधे खेतों में छोड़ा जा रहा है।
दूषित पानी से फसलें और धर्म हो रहा भ्रष्ट
फैक्ट्री के आसपास के खेतों में उगने वाली सब्जियां, गेहूं और दालें इसी दूषित पानी से सींची जा रही हैं, जिसका उपभोग इछावर और आसपास के नागरिक कर रहे हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि जिस अनाज से वे अपनी शुद्धता बनाए रखते हैं, उसमें चमड़े युक्त पानी का मिलना सीधे तौर पर उनके धर्म को भ्रष्ट करने जैसा है। साथ ही, यहाँ निर्मित होने वाले प्रोटीन के उपयोग से युवाओं के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठाए सवाल
श्री गुजराती ने प्रदेश सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चमड़े से भरा ट्रक पकड़े जाने के दो दिन बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री संचालक को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एनजीटी के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने इस घटना की तुलना भोपाल के चर्चित मामलों से करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में गौ-माता की दुर्दशा चिंतनीय विषय है।
निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग
कांग्रेस पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए और एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस विरोध प्रदर्शन में विवेक राठौर, प्रीतम दयाल चौरसिया, राजेंद्र वर्मा, डॉ. अनीस खान, और नरेंद्र खंगराले सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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