उज्जैन, अग्निपथ। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत उज्जैन जिले के वरिष्ठ नागरिकों को इस महीने के अंत में धार्मिक यात्रा पर जाने का सुनहरा मौका मिल रहा है। आगामी 26 जून को उज्जैन से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन रवाना होने जा रही है, जिसमें जिले के कुल 196 श्रद्धालुओं को शामिल किया जाएगा।
इस यात्रा का लाभ उठाने के लिए शहर के इच्छुक बुजुर्गों को समय रहते अपना फॉर्म जमा करना होगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, आगर रोड स्थित मुख्यालय के शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ (कक्ष क्रमांक 214) से निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं, जिन्हें भरकर जमा करने की अंतिम तारीख 12 जून की दोपहर 3 बजे तक तय की गई है।
उम्र में महिलाओं को छूट, दिव्यांगों के लिए आयु का कोई बंधन नहीं
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने आयु सीमा के कड़े नियम तय किए हैं। यात्रा के लिए पुरुषों की न्यूनतम उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए, जो अपनी जीवनसाथी के साथ भी जा सकते हैं। वहीं महिला आवेदकों को नियमों में दो साल की विशेष रियायत देते हुए 58 वर्ष की आयु में ही यात्रा के लिए पात्र माना गया है।
प्रशासन ने 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और 60 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगता वाले नागरिकों को अपने साथ एक अटेंडेंट ले जाने की अनुमति दी है। सफर में देखभाल के लिए जाने वाले इस सहायक की उम्र 18 से 49 वर्ष के बीच और वह शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए। दिव्यांगों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
आयकर दाताओं को नहीं मिलेगा लाभ, ई-केवाईसी दस्तावेज़ बेहद जरूरी
तीर्थ यात्रा का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं और उज्जैन नगर निगम क्षेत्र के दायरे में आते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी आवेदक आयकर दाता यानी इनकम टैक्स पेयर नहीं होना चाहिए। इस बार आवेदन केवल हिंदी भाषा में ही स्वीकार किए जाएंगे।
यात्रा के लिए फॉर्म जमा करते समय आवेदकों को दो सेटों में अपने जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होंगे। इनमें पासपोर्ट साइज फोटो, सरकारी डॉक्टर द्वारा प्रमाणित स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और समग्र आईडी के साथ-साथ आधार कार्ड अनिवार्य है। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों का समग्र आईडी में ई-केवाईसी होना बेहद जरूरी है।

