उज्जैन, अग्निपथ। फ्रीगंज क्षेत्र स्थित एमपी हॉस्पिटल में 22 अप्रैल को हुई एक मरीज की संदिग्ध मौत के बाद उपजे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के निर्देश पर सोमवार को डॉक्टरों का एक उच्चस्तरीय जांच दल अस्पताल पहुंचा। इस दल ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगालने के साथ-साथ दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच के दौरान मरीज के उपचार से जुड़ी फाइल में कई तरह की तकनीकी खामियां और गड़बड़ियां उजागर हुई हैं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सड़क दुर्घटना के बाद कराया गया था भर्ती
पूरा मामला बुधवार रात का है, जब प्रताप आंजना नामक युवक अपनी बाइक से जा रहा था। महामृत्युंजय द्वार के समीप किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी थी। दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद मददगारों ने घायल प्रताप को उपचार के लिए फ्रीगंज के एमपी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का कहना है कि प्रताप को केवल हाथ और पैर में फ्रैक्चर था और वह पूरी तरह होश में था। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन अचानक आई मौत की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया।
परिजनों ने लगाया उपचार में लापरवाही का गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया है। भाई और अन्य रिश्तेदारों का कहना है कि प्रताप ने मौत वाले दिन सुबह चार बजे भी परिजनों से सामान्य बातचीत की थी। इसके कुछ ही देर बाद अचानक डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का तर्क है कि मात्र फ्रैक्चर होने की स्थिति में अचानक मौत होना समझ से परे है। इसी शिकायत के आधार पर सीएमएचओ ने डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. प्रदीप सोमेश, डॉ. अजय दंडोतिया और डॉ. आदित्य रावल की टीम को जांच के लिए भेजा था।
एक घंटे तक चले बयान, अब रिपोर्ट का इंतजार
जांच दल ने लगभग एक घंटे तक अस्पताल प्रबंधन और मृतक के भाई के विस्तृत बयान लिए। टीम ने उस समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से भी पूछताछ की है। जांच दल के सदस्यों के अनुसार, पेशेंट फाइल में एंट्रीज और ट्रीटमेंट चार्ट में विसंगतियां पाई गई हैं। अब यह दल अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीएमएचओ को सौंपेगा। रिपोर्ट के आधार पर ही अस्पताल के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस मामले को लेकर शहर के चिकित्सा जगत और आम जनता में काफी चर्चा बनी हुई है।
