इंदौर, अग्निपथ। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। मेघालय के शिलॉन्ग स्थित अदालत ने मामले की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। करीब एक साल से शिलॉन्ग की जिला जेल में बंद सोनम को चौथी सुनवाई के दौरान यह बड़ी राहत मिली है।
शादी के 12 दिन बाद हुई थी हत्या
घटना पिछले साल मई की है। इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी का विवाह 11 मई 2025 को सोनम से हुआ था। शादी के कुछ दिन बाद, 20 मई को यह जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ था। 23 मई को राजा रघुवंशी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे और उनका मोबाइल फोन भी बंद हो गया था।
गहरी खाई में मिला था शव
काफी तलाश के बाद, 2 जून 2025 को शिलॉन्ग के पास सोहरा क्षेत्र में एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि वह राजा को घूमने के बहाने सुनसान इलाके में ले गई, जहां पहले से मौजूद हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर उनकी जान ले ली।
पुलिस की खामी बनी राहत का आधार
सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग कोर्ट से जमानत मिलने के पीछे एक तकनीकी कारण सामने आया है। जानकारी के अनुसार, अदालत ने इस आधार पर जमानत दी कि पुलिस गिरफ्तारी के समय आरोपी को उसके कानूनी आधार प्रभावी ढंग से बताने में विफल रही थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि वकील के माध्यम से उन्हें जमानत की सूचना मिली है।
790 पन्नों की चार्जशीट और आरोपी
मेघालय पुलिस ने इस मामले में 790 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की थी, जिसमें सोनम समेत कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य सुपारी किलर भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस ने जंगल से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किया था, लेकिन फिलहाल मुख्य आरोपी को जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है।
