आज भी सार्वजनिक अवकाश के चलते नहीं लगेंगे टीके
बडऩगर, अग्निपथ। जहां चारों और कोरोना की तीसरी लहर के बारे में चेतावनी सुनने व देखने को मिल रही है, वहीं नगर हो या ग्रामीण क्षेत्र लोग लापरवाह होते जा रहे है। सोशल डिस्टेंसिंग तो बीते दिनों की बात हो गई है। इस बीच वैक्सीनेशन को लेकर भी ढिलाई बरती जा रही है। करीब एक सप्ताह से इलाके में कोरोना के टीके नहीं लगाए गए हैं।
कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता झेलने के बाद सरकार ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया था। पहले 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों और फिर क्रमश: 45 व 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों के टीकाकरण की शुरुआत की गई। प्रचार और प्रेरणा के चलते लोगों ने उत्साह से टीके लगवाने शुरू किए ही थे कि अब टीकाकरण थम सा गया है।
विगत छह दिनों शहर व ग्रामीण इलाकों में कहीं भी टीकाकरण नहीं हुआ है। बुधवार को भी ईद का अवकाश होने से आज भी टीके नहीं लगाए जाएंगे।
ऐसे में पहला डोज लगाने के इच्छुक लोग तो तो भटक ही रहे है, दूसरे डोज का इंतजार कर रहे नागरिक भी प्रतिदिन टीकाकरण केन्द्र पर पहुंच कर पूछताछ कर रहे किन्तु उन्हें सही जानकारी नही मिल पा रही है। पहले डोज वाले हो या दुसरे डोज वाले तीसरी लहर के संकेत व चर्चा के चलते टीकाकरण के लिए चिंतित है।
7 दिनों में टीकाकरण के सेशन आयोजित नहीं किये जाने के बारे में कोई उचित कारण सामने नहीं आया है। ब्लॉक मेडीकल ऑफिसर डॉ. प्रमोद अर्गल ने यह जरूर बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त सूचना के अनुसार 15, 16 एवं 17 जुलाई को कोविड-19 टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं होगा। वहीं 19 जुलाई को टीके उपलब्ध नहीं होने को कारण बताया था।
टीके कम – लगवाने वाले ज्यादा
शासन – प्रशासन द्वारा टीकाकरण के लिए लोगो में जागरूकता के लिए कई जतन किये है। इन जतन व कोरोना की दूसरी लहर के खौफ के बाद लोगों में टीकाकरण के प्रति रुझान बढ़ा तो अब टीके सीमित मात्रा में उपलब्ध हो रहे है।ं ऐसे में जिनको टीका लगवाना है उनका टीकाकरण नही हो पा रहा। वे प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
वहीं संबधित अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण के सेशन आगे से प्राप्त होते है। यहा उल्लेखनीय है कि शुरूआत में जब टीके उपलब्ध होते थे तब लगवाने वालो की कमी बनी हुई थी। अब जबकि टीके लगवाने के प्रति लोग जागरूक हुए तो टीकों की कमी सामने आ रही है।