सिंहस्थ के लिए उज्जैन में 500 अस्थाई अस्पताल बनाने के निर्देश

सिंहस्थ 2028

50 हजार टॉयलेट और 16 हजार सफाईकर्मी लगेंगे, व्यवस्था जुटाने के भोपाल से आये निर्देश

उज्जैन, अग्निपथ। साल 2028 में लगने वाले सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आ सकते हैं। इन सभी के लिए व्यवस्था जुटाने के निर्देश वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए हैं। सिंहस्थ मेले के दौरान मेला क्षेत्र में हर रोज 16 हजार से अधिक सफाई कर्मी लगेंगे। वहीं लोगों की सुविधा के लिए 50 हजार टॉयलेट का निर्माण भी किया जाएगा। गर्मी से श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रयागराज कुम्भ के बाद अब उज्जैन में 2028 में लगने वाले सिंहस्थ कुम्भ की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके लिए बीते एक माह में सीएस और एसीएस जैसे बड़े अधिकारी कार्यों की समीक्षा के लिए उज्जैन आकर बैठक कर चुके हैं। उज्जैन सिंहस्थ में सडक़ एवं अन्य क्षेत्रों को मिलाकर 11 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता होगी।

उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि कचरा संग्रहण के लिए लगभग 5 हजार सफाई कर्मियों की जरूरत पड़ेगी। कुल मिलाकर 16 हजार 220 सफाई कर्मियों की आवश्यकता सिंहस्थ में होगी। पीक लोड पर सॉलिड वेस्ट उत्पादन लगभग 577 एमएलडी होगा। इसके लिए 379 कचरा गाडिय़ों की आवश्यकता होगी जो कि मेला क्षेत्र से कचरा उठाने का काम करेगी।

50 हजार बायो-टॉयलेट बनाए जाएंगे

सिंहस्थ में 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसको देखते हुए प्रत्येक दिन सिंहस्थ मेला क्षेत्र में 740 टन कचरा उत्पन्न होने का अनुमान है। इसे नियंत्रित करने के लिए 50 हजार बायो-टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की मैपिंग और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाए जाएंगे

कुम्भ मेले में 500 अस्थाई अस्पताल और कैम्प लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सिंहस्थ मेला क्षेत्र के अनुसार 6 झोन में बांटा जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं का डिजीटल रिकॉर्ड मेंटेन किया जाएगा। डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टॉफ की ट्रेनिंग होगी। गर्मी के मौसम में सिंहस्थ के आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए इलेक्ट्रोलाइट की उपलब्धता समस्त मेला क्षेत्र में जगह-जगह सुनिश्चित की जाएगी।

उज्जैन में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत 592.3 करोड़ रुपए है और निर्मित क्षेत्र का क्षेत्रफल 1,42,034.06 स्क्वायर मीटर है। इसमें 550 बिस्तर की क्षमता होगी।

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