उज्जैन-गरोठ हाईवे पर हुआ था दर्दनाक हादसा
कायथा, अग्निपथ। उज्जैन-गरोठ हाईवे पर रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कायथा के प्रतिष्ठित व्यापारी जगदीश राठौर और उनकी पत्नी मनोरमा राठौर का सोमवार को एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। मिली जानकारी के अनुसार राठौर परिवार रविवार को भेरू महाराज दर्शन के लिए जा रहा था, तभी उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में “आनंद होटल वाले दादा” के नाम से मशहूर जगदीश राठौर और उनकी पत्नी की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि परिवार के अन्य घायल सदस्यों का उपचार जारी है।
एक साथ उठी पति-पत्नी की अर्थी, उमड़ा जनसैलाब
सोमवार को कायथा में दोनों का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी और सैकड़ों ग्रामीण नम आंखों से शामिल हुए। एक ही चिता पर जब पति-पत्नी को मुखाग्नि दी गई, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल पसीज गया। इस अप्रत्याशित और दुखद घटना से पूरे कायथा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
कायथा ने खोया एक मिलनसार और परोपकारी व्यक्तित्व
जगदीश राठौर कायथा के जाने-माने और लोकप्रिय व्यापारी थे। नव्बे के दशक से संचालित अपनी आनंद होटल के माध्यम से वे समाज के हर वर्ग से जुड़े रहे। अपने मिलनसार और दयालु स्वभाव के कारण वे हमेशा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहते थे। उनके निधन को संपूर्ण क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। मुक्तिधाम पर आयोजित शोक सभा में उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवार को यह गहन दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की।

