उज्जैन एयरपोर्ट: 147 करोड़ के प्रोजेक्ट में कालूवाला ने लगाई 103 करोड़ की बोली, एएआई के फैसले का इंतजार

उज्जैन, अग्निपथ। धर्मनगरी में सिंहस्थ-2028 से पूर्व नए एयरपोर्ट की सौगात देने की दिशा में एक और बड़ा प्रशासनिक और तकनीकी कदम आगे बढ़ा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) द्वारा उज्जैन एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया विकास हेतु आमंत्रित 147.36 करोड़ रुपये के ईपीसी टेंडर की वित्तीय निविदा खोल दी गई है।

इसमें कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड सबसे कम बोली लगाकर एल-वन निविदादाता के रूप में सामने आई है। कंपनी ने यह कार्य मात्र 102.98 करोड़ रुपये में पूरा करने का प्रस्ताव दिया है, जो एएआई के मूल अनुमानित बजट से लगभग 30.12 प्रतिशत कम है।

पोर्टल पर दर्ज प्रक्रियात्मक स्थिति

एएआई के शासकीय ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर इस महत्वपूर्ण निविदा की टेंडर आईडी २०२६_एएआई_२६३५५१_१ के रूप में पंजीकृत है। इस विस्तृत टेंडर का मुख्य लक्ष्य उज्जैन एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया की डिटेल्ड डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन का कार्य संपादित करना है।

पोर्टल पर दर्ज विवरण के अनुसार 9 सितंबर 2026 तक इस संपूर्ण प्रक्रिया में टेक्निकल इवैल्यूएशन, फाइनेंशियल इवैल्यूएशन और अवार्ड ऑफ कॉन्ट्रैक्ट (एओसी) के चरण अंकित हैं। सक्षम अधिकारियों द्वारा एओसी की अंतिम पुष्टि किए जाने के पश्चात ही संबंधित कंपनी को आधिकारिक कार्यादेश जारी माना जाएगा।

छह दिग्गज इंफ्रा कंपनियों के बीच मुकाबला

इस प्रतिष्ठित निविदा में देश की छह प्रमुख निर्माण कंपनियों ने अपनी वित्तीय बोलियां प्रस्तुत की थीं। प्राप्त बोलियों में कालुवाला कंस्ट्रक्शन की दर सबसे न्यूनतम पाई गई। एल-वन और एल-टू निविदादाताओं की प्रस्तुत दरों के मध्य भी लगभग 6 करोड़ रुपये का बड़ा अंतर दर्ज किया गया है।

वित्तीय निविदा में भाग लेने वाली कंपनियों का क्रमबद्ध विवरण इस प्रकार है:

क्रमांक कंपनी का नाम बोली राशि (करोड़ रुपये में)
कालुवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड  102.98
गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड 109
रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 125.55
अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड 127.20
विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड 128.05
डीआरए इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड 139.95

एयरपोर्ट पर प्रस्तावित सिविल और इंफ्रा कार्य

जारी टेंडर के अंतर्गत एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया से संबंधित सभी प्रमुख सिविल तथा इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को शामिल किया गया है। इसके तहत मुख्य रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, आइसोलेशन बे, पेरीमीटर रोड, ऑपरेशनल बाउंड्री वॉल, सुदृढ़ ड्रेनेज नेटवर्क तथा आवश्यक इलेक्ट्रिकल वर्क का निर्माण किया जाएगा।

इन सभी एयरसाइड सुविधाओं के विकसित होने से उज्जैन एयरपोर्ट से भविष्य में नियमित व्यावसायिक उड़ानों का संचालन सुगमता से संभव हो सकेगा।

कम दर बनी तकनीकी समीक्षा का केंद्र

अनुमानित लागत १४७.३६ करोड़ रुपये की तुलना में 102.08 करोड़ रुपये की बोली प्रस्तुत होना उद्योग जगत में चर्चा का विषय बन गया है। लगभग 30 प्रतिशत कम दर होने के कारण अब एएआई की वित्तीय व तकनीकी समिति द्वारा इसकी सूक्ष्म जांच की जा रही है।

यद्यपि नियमों के तहत कम बोली प्रस्तुत करना कोई अनियमितता नहीं है, किंतु इतनी कम दर पर निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप कार्य निष्पादन की कार्ययोजना को देखना एएआई के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

विमानतल निर्माण में पूर्व अनुभव

कालूवाला कंस्ट्रक्शन के पास पूर्व में भी नागरिक उड्डयन क्षेत्र के निर्माण कार्यों का अनुभव रहा है। एएआई के उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार कंपनी को इंफाल एयरपोर्ट में स्टॉर्म-वॉटर ड्रेन तथा उससे जुड़े संबंधित निर्माण कार्यों का दायित्व सौंपा गया था। इस पूर्व अनुभव का लाभ उज्जैन परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन में मिलने की संभावना जताई जा रही है।

अवार्ड ऑफ कॉन्ट्रैक्ट का इंतजार

उज्जैन एयरपोर्ट विकास प्रक्रिया में एल-वन का चयन होने के बाद अब एएआई द्वारा अंतिम अवार्ड ऑफ कॉन्ट्रैक्ट जारी किया जाना शेष है। एओसी की प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि कालुवाला कंस्ट्रक्शन को इस स्वीकृत दर पर औपचारिक वर्क ऑर्डर प्राप्त होता है अथवा विभाग द्वारा कोई अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाती है।

टेंडर से जुड़े मुख्य तथ्य

  • टेंडर का कुल अनुमानित बजट: १४७.३६ करोड़ रुपये

  • सबसे कम बोलीदाता (एल-वन): कालुवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड

  • न्यूनतम बोली राशि: १०२.९८ करोड़ रुपये

  • अनुमानित लागत से अंतर: लगभग ३०.१२ प्रतिशत कम

  • कुल प्रतिभागी कंपनियां: ६

  • टेंडर पहचान संख्या: २०२६_एएआई_२६३५५१_१

  • वर्तमान स्थिति: एओसी की स्वीकृति का इंतजार

  • कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (KCPL) मुख्य रूप से नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, फ्लाईओवर्स और बड़े सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्यों में सक्रिय रही है।

    कंपनी के प्रोजेक्ट्स का विवरण

    सिविल और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कंपनी के प्रमुख प्रोजेक्ट्स और अनुभव का दायरा इस प्रकार है:

    • सड़क एवं राजमार्ग (Highways & Expressways): कंपनी की मुख्य विशेषज्ञता हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में है। इसने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग (NHAI) और राज्य राजमार्गों के कई किलोमीटर लंबे कॉरिडोर तैयार किए हैं।

    • हाईब्रिड एनुइटी मॉडल (HAM Projects): कंपनी को हाल ही में गोवा में ‘कनाकोना बाईपास’ प्रोजेक्ट (Goa Canacona Bypass Project) सहित कई बड़े हाईवे पैकेज हाइब्रिड एनुइटी मॉडल के तहत आवंटित हुए हैं।

    • फ्लाईओवर और ब्रिज निर्माण: राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ राज्यों के प्रमुख मार्गों पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और जटिल फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण किया है।

    • एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर: विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में कंपनी का प्रमुख ध्यान रनवे विस्तार, टनल कनेक्टिविटी और उससे जुड़े भारी सिविल व इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर है।

    वर्तमान में कंपनी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा सहित देश के लगभग 14 राज्यों में अपने विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स संचालित कर रही है।

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