चमत्कार के नाम पर यज्ञशालाओं में राल-केमिकल का खेल, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा

मां बगलामुखी

नलखेड़ा, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर के समीप संचालित निजी यज्ञशालाओं में हवन-पूजन के दौरान कथित रूप से चमत्कार दिखाने के नाम पर राल एवं खतरनाक केमिकल का उपयोग किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि इन पदार्थों के जरिए हवन की अग्नि को अचानक प्रचंड रूप से भड़काया जाता है और इसके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर रील के रूप में तेजी से प्रसारित किए जा रहे हैं। अग्नि के साथ किए जा रहे इस प्रकार के असुरक्षित प्रयोगों से यज्ञशालाओं में आने वाले यजमानों और श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुली पोल

सोशल मीडिया पर सामने आए विभिन्न वीडियो में हवन के दौरान आग की लपटों को अचानक तेज भड़काते हुए साफ दिखाया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस दिखावे के लिए श्मशान में दाह संस्कार के समय उपयोग किए जाने वाले ज्वलनशील राल तथा अन्य रसायन पदार्थों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि बंद अथवा सीमित स्थान वाली यज्ञशालाओं में हवन के दौरान ऐसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किसी भी समय बेहद गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

पूर्व में भी हो चुकी है आग की गंभीर दुर्घटना

मां बगलामुखी मंदिर के समीप संचालित एक निजी यज्ञशाला में करीब एक वर्ष पूर्व हवन के दौरान बैतूल जिले की एक महिला के झुलसने की गंभीर घटना घटित हो चुकी है। इस मामले की पुलिस जांच बैतूल से आगर-मालवा जिले तक पहुंची थी। इसके अतिरिक्त हवन-पूजन के दौरान अक्सर पंडितों और यजमानों के पहनावे में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन्हें अनदेखा किया जा रहा है।

सोशल मीडिया रील के लिए जान का जोखिम

मां बगलामुखी मंदिर में देशभर से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन, अनुष्ठान एवं हवन-पूजन के उद्देश्य से पहुंचते हैं। ऐसे में निजी यज्ञशालाओं में अग्नि से जुड़े खतरनाक प्रयोगों के वीडियो बनाकर प्रसारित किए जाने से यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या केवल सोशल मीडिया पर रील की लोकप्रियता पाने के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ताक पर रखा जा रहा है।

प्रशासन से यज्ञशालाओं की जांच की मांग

इस संवेदनशील मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस से पुरजोर मांग की जा रही है कि मंदिर के आसपास संचालित सभी निजी यज्ञशालाओं की तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए। जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाए कि हवन में किन-किन रासायनिक पदार्थों का उपयोग हो रहा है, क्या उनके प्रयोग की अनुमति है तथा वहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम उपलब्ध हैं या नहीं। यदि जांच में असुरक्षित रसायनों का उपयोग सही पाया जाता है तो उन पर तुरंत कठोर प्रतिबंध लगाया जाना अनिवार्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उज्जैन खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की संभावना, छत्रीचौक में साफसफाई

Tue Sep 29 , 2026
मीडिया के जाने पर लगाया प्रतिबंध, कलेक्टर स्पॉट पर ही मौजूद उज्जैन। शाही मस्जिद मामले में दूसरे दिन मंगलवार को सबकुछ सामान्य रहा। प्रशासन के सहयोग से मस्जिद कमेटी के लोगों द्वारा तुड़ाई की जाती रही। लेकिन कवरेज के लिये किसी भी मीडिया कर्मी को सराफा से आगे नहीं जाने […]

Breaking News