उज्जैन, अग्निपथ। नीलगंगा थाना क्षेत्र के चौराहे पर हुए गोरकर परिवार के दो बेटों के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड और जानलेवा हमले के मामले में शामिल दो और आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कोर्ट पहुंचकर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और अदालत से 3 अगस्त तक का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है, ताकि हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों पर गहन पूछताछ की जा सके।
18 जुलाई की रात हुआ था खूनी संघर्ष
नीलगंगा चौराहे पर 18 जुलाई की रात गोरकर परिवार पर पासी समाज के 15 से 20 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया था। बदमाशों ने इस दौरान अंधाधुंध गोलियां चलाईं और तलवार व चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। इस खूनी वारदात में दो सगे भाइयों लोकेश गोरकर और जय उर्फ जितेश गोरकर की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि मृतकों के चाचा दिलीप उर्फ दिल्लू पहलवान और उनका पुत्र तपन गोरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
नीलगंगा थाना पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में रोशन पासी, राकेश पासी, नरेश पासी, संजय पासी, दुर्गेश पासी, रोहित पासी, मंजू उर्फ मीना और सन्नी पासी सहित अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था।
बुधवार को इन दो आरोपियों ने किया सरेंडर
घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद, बुधवार दोपहर को हमले में शामिल आरोपी संजय पिता रामलखन पासी (निवासी जबरन कॉलोनी) और वेदू पिता दीपक पासी (निवासी महू) ने कोर्ट पहुंचकर समर्पण कर दिया। खबर मिलते ही थाना प्रभारी तरुण कुरील के निर्देशन पर एसआई यादवेंद्र सिंह परिहार ने कोर्ट पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार किया और रिमांड की मांग की।
थाना प्रभारी कुरील के मुताबिक, इस दोहरे हत्याकांड में अब तक लगभग 15 आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं। मुख्य आरोपी रोशन पासी और उसके 4 अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मामले में अब तक 10 आरोपी शिकंजे में
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते अब तक इस मामले में कुल 10 आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ चुके हैं। घटना के अगले ही दिन पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी नरेश पासी को लालपुल के पास से दबोचा था। इसके बाद एक नाबालिग सहित पीयूष पासी और विवेक वर्मा को मूंछमन मल्टी से गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा अथर्व गर्ग, राकेश पासी, दुर्गेश पासी और मंजू उर्फ मीना बोरासी को भी गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है। बुधवार को अदालत में सरेंडर करने वाले 2 नए आरोपियों को मिलाकर अब तक कुल 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं, जिनमें से 8 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

