सीहोर, अग्निपथ। सीहोर जिले के ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा १८ जून २०२६ को अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वे खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की जर्जर व झूलती विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। इस भीषण हादसे के 17 दिन बाद भी सतीश भोपाल के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। डॉक्टरों को इलाज के दौरान उनका एक हाथ काटना पड़ा है, जबकि एक पैर भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस खतरनाक झूलती लाइन की शिकायत पहले भी कई बार लाइनमैन और अधिकारियों से की गई थी, लेकिन विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली। सीहोर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अधीक्षण यंत्री को गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अंततः किसानों का सब्र टूट गया।
मंत्रियों के द्वार पहुंचे आक्रोशित किसान, घेरा बंगला
जिले के दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों किसानों ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर सीधे भोपाल का रुख किया। आक्रोशित अन्नदाताओं ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। उस समय ऊर्जा मंत्री कैबिनेट बैठक में व्यस्त थे, लेकिन किसानों की गंभीर पीड़ा को देखते हुए वे बैठक छोड़कर अपने निवास पहुंचे और उनकी बातें सुनीं। इसके बाद किसानों का दल सीहोर जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर तथा गोविंदपुरा स्थित मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के एमडी कार्यालय भी पहुंचा। वहां अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन, ऊर्जा मंत्री और प्रभारी मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
अपाहिज हुए किसान के लिए मांगी सरकारी नौकरी और मुआवजा
पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए किसानों ने सरकार के सामने प्रमुखता से अपनी मांगें रखी हैं। सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि गंभीर रूप से घायल और दिव्यांग हो चुके किसान सतीश मेवाड़ा को तत्काल २५ लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही परिवार के भरण-पोषण के लिए एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। हादसे के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार लापरवाह विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। किसानों ने यह भी मांग उठाई है कि पूरे प्रदेश में जहां भी ऐसी झूलती और जर्जर विद्युत लाइनें हैं, उनकी तुरंत मरम्मत की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा न हो।
आश्वासन के बाद भी तल्ख हैं किसानों के तेवर
प्रदर्शन के दौरान ऊर्जा मंत्री ने मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के एमडी श्री गर्ग से फोन पर चर्चा कर पीड़ित किसान को तत्काल राहत राशि देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री निवास और प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर की ओर से भी लिखित में उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी मंत्रियों के निर्देशों को हवा में उड़ा रहे हैं। प्रदर्शन में मुख्य रूप से ग्राम बड़वेली, बिलकिसगंज, रामखेड़ी, अमरूद, अवंतीपुरा, चंदेरी, मगरखेड़ा, मोरिया, भगवानपुर और डाबला सहित दर्जनों गांवों के किसान एकजुट हुए। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश स्तर पर उग्र रूप धारण करेगा।
