धार, अग्निपथ। आबकारी माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत बाकानेर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। मनावर तहसील के बाकानेर क्षेत्र स्थित धनखेड़ी फाटे पर घेराबंदी कर पुलिस ने एक संदिग्ध आयशर वाहन को रोककर जांच की, जिसमें से 1230 पेटी अवैध बीयर बरामद की गई। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 40 लाख 44 हजार 240 रुपये है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त लगभग 15 लाख रुपये मूल्य का आयशर वाहन भी कब्जे में ले लिया है। इस तरह कुल जब्ती की रकम करीब 55 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से इंदौर के एक चालक को गिरफ्तार किया है, जबकि वाहन मालिक को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
तिरपाल हटते ही हुआ बड़ा खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार बाकानेर के धनखेड़ी फाटे के समीप कांग्रेस नेता रविंद्र पाटीदार एवं अन्य स्थानीय लोगों को एक आयशर वाहन अत्यंत संदिग्ध अवस्था में खड़ा दिखाई दिया। इसकी तत्काल सूचना बाकानेर चौकी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना कोई समय गंवाए मौके पर पहुंची और वाहन की घेराबंदी कर ली। जब आयशर के पिछले हिस्से पर बंधी तिरपाल को हटाकर देखा गया तो अंदर बीयर की पेटियों का विशाल भंडार छुपा मिला। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से वाहन को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।
वैध दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा चालक
पुलिस द्वारा आयशर क्रमांक जीजे 06 बीटी 4066 के चालक से शराब के वैधानिक परिवहन से संबंधित परमिट या लाइसेंस मांगा गया, परंतु चालक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहा। इसके पश्चात पुलिस वाहन तथा चालक को अभिरक्षा में लेकर बाकानेर चौकी पहुंची। वहां पंचों की उपस्थिति में पूरे वाहन को खाली करवाया गया और एक-एक पेटी की सघन गिनती की गई।
14,760 बल्क लीटर शराब की विशाल मात्रा
चौकी पर की गई विस्तृत गिनती के दौरान आयशर के भीतर से कुल 1230 कार्टन बीयर पाई गई। आबकारी मानकों के अनुसार इस शराब की कुल मात्रा 14,760 बल्क लीटर दर्ज की गई है। बाजार मूल्यों के आधार पर इस खेप का कुल मूल्य 40 लाख 44 हजार 240 रुपये आंका गया। इसके साथ ही अपराध में प्रयुक्त 15 लाख रुपये मूल्य के आयशर वाहन को भी पंचनामे के तहत विधिपूर्वक जब्त कर लिया गया।
इंदौर निवासी चालक गिरफ्तार, मालिक पर भी शिकंजा
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए चालक की पहचान योगेश पिता श्रवण योगी (22 वर्ष), निवासी ग्राम बिल्लोद, थाना बेटमा, जिला इंदौर के रूप में हुई है। वहीं मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आयशर वाहन के मालिक राजेन्द्रसिंह पिता गणेशसिंह बैस, निवासी इंदौर को भी मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) तथा 36 के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शराब नेटवर्क और गंतव्य का पता लगाने में जुटी पुलिस
इतनी विशाल मात्रा में शराब मिलने के बाद अब पुलिस प्रशासन इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बीयर की इतनी बड़ी खेप किस डिस्टिलरी या गोदाम से निकाली गई थी और इसे किस जिले या राज्य में खपाने की योजना थी। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पड़ताल के दौरान यदि इस गिरोह से जुड़े किसी भी अन्य तस्कर या बिचौलिए की संलिप्तता पाई जाती है तो उन्हें भी मुकदमे में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
यह संपूर्ण त्वरित कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के कुशल नेतृत्व तथा एसडीओपी दीपांशु के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। इस छापामार दल में मनावर थाना प्रभारी राजेश यादव एवं बाकानेर चौकी प्रभारी मनोज पाटीदार सहित पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चौकी प्रभारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
