उज्जैन नगर निगम जोन-2 से प्राचीन सूर्यनारायण मंदिर की 1303 (एस) भूमि का रिकॉर्ड गायब

उज्जैन, अग्निपथ। बुधवारिया निकास चौराहे पर स्थित अति प्राचीन सूर्यनारायण मंदिर के भूमि सर्वे नंबर की जानकारी नगर निगम के जोन क्रमांक-2 में भी उपलब्ध नहीं है। जब शिकायतकर्ता ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के अंतर्गत जानकारी मांगी, तो नगर निगम ने रिकॉर्ड न होने की बात कही। इसके बाद अब नगर निगम ने धर्मस्व और राजस्व विभाग को पत्र लिखकर उक्त भूमि सर्वे नंबर की जानकारी मांगी है।

आश्चर्य की बात यह है कि इस भूमि सर्वे नंबर 1303 (एस) की खसरा नकल ‘दैनिक अग्निपथ’ के पास उपलब्ध है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह भूमि पूर्णतः शासकीय है। परंतु, नगर निगम के पास इसका कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।

25 हजार वर्ग फीट सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत

‘दैनिक अग्निपथ’ ने अपने 29 जुलाई के अंक में “सूर्यनारायण मंदिर से जुड़ी 25 हजार वर्ग फीट जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत” शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

वसंतविहार नानाखेड़ा निवासी शिकायतकर्ता मिलन कुमार चौधरी के अनुसार, सर्वे नंबर 1303 (एस) की लगभग 25 हजार वर्ग फीट सरकारी भूमि पर लगातार अवैध कब्जे और निजी निर्माण किए जा रहे हैं। आरोप है कि मंदिर के आसपास व्यावसायिक निर्माण होने से न केवल सरकारी भूमि सिमटती जा रही है, बल्कि प्राचीन मंदिर का मूल स्वरूप और अस्तित्व भी गंभीर खतरे में पड़ गया है।

नियमों को दरकिनार कर निजी लोगों के नाम हुआ नामांतरण

संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद नियमों के विपरीत कुछ निजी व्यक्तियों के नाम नामांतरण कर दिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नगरपालिका या नगर निगम को शासकीय भूमि का नामांतरण निजी हित में करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।

ऐसे में यह पूरा मामला करोड़ों रुपये मूल्य की बहुमूल्य सरकारी जमीन को निजी संपत्ति में बदलने के सुनियोजित प्रयास और प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि आगामी सिंहस्थ को देखते हुए प्रशासन निजी जमीनों के अधिग्रहण की योजनाएं बना रहा है, जबकि शहर के मध्य स्थित 25 हजार वर्ग फीट से अधिक सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोपों पर अब तक कोई ठोस व निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है।

धर्मस्व और राजस्व विभाग से मांगी गई जानकारी

इधर, शिकायतकर्ता द्वारा जब आरटीआइ लगाकर इस भूमि के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई, तब नगर निगम इसे उपलब्ध कराने में असमर्थ रहा। निगम ने आसपास के अन्य सर्वे नंबरों की जानकारी तो दे दी, लेकिन जोन क्रमांक-2 में सर्वे नंबर 1303 (एस) का कोई रिकॉर्ड न होने का हवाला दिया।

इसके बाद नगर निगम ने धर्मस्व एवं राजस्व विभाग को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि उज्जैन कस्बा नगर पालिका निगम जोन क्रमांक-02 स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 1303 (एस), जिस पर अति प्राचीन सूर्यनारायण मंदिर स्थित है, का कोई रिकॉर्ड जोन कार्यालय में नहीं है। अतः इस सर्वे नंबर तथा मंदिर से संबंधित जो भी दस्तावेज या रिकॉर्ड उपलब्ध हों, उन्हें शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

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