सीएम हाउस घेरने पहुंचे किसान, बोले- मांगें पूरी होने तक वहीं डालेंगे डेरा; कई मार्गों पर लगा भारी जाम
भोपाल, अग्निपथ। मध्यप्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर राजधानी भोपाल पहुंचे करीब दो हजार किसान पुलिस के आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे किसानों को रोकने के लिए वीर सावरकर सेतु के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे सीएम हाउस के समक्ष ही डेरा डालेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वापस नहीं लौटेंगे।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े आक्रोशित किसान
कटारा हिल्स और होशंगाबाद रोड पर लगा 3 किलोमीटर लंबा जाम
इससे पूर्व 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर भारी धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, किसान पुलिस के बेरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने में सफल रहे। किसानों के इस बड़े कूच को देखते हुए पूरे होशंगाबाद रोड पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जाने के कारण कटारा हिल्स, एम्स और आसपास के क्षेत्रों में करीब 3 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
‘देश का पेट भर रहे हैं, फिर हमारे साथ ऐसा व्यवहार क्यों?’
आंदोलन के दौरान किसान नेताओं ने सरकार के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि किसान कोई अपराध नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश की जनता का पेट भर रहे हैं। इसके बावजूद शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे पदाधिकारियों को जगह-जगह डिटेन किया गया और राह में कड़े पहरे लगाए गए। उन्होंने मूंग खरीदी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब संसद में एमएसपी लागू रहने का आश्वासन दिया गया है, तो धरातल पर किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा।
7 दिन का राशन-पानी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे आंदोलनकारी
भोपाल सीमा में प्रवेश के साथ ही हजारों किसान हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे ‘जय जवान-जय किसान’ के गगनभेदी नारे लगाते हुए आगे बढ़े। किसान इस बार लंबी लड़ाई की पूरी तैयारी के साथ आए हैं। वे अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सात दिन का राशन-पानी और पकाया हुआ भोजन साथ लेकर पहुंचे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं और बिना मांगें मनवाए पीछे नहीं हटेंगे।

