कौन सा पर्व कब लोगों में असमंजस, ज्यादातर 20 अक्टूबर को दशहरा बता रहे
उज्जैन, अग्निपथ (नीलेश शर्मा)। अभी श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं। इसके बाद नवरात्रि पर्व शुरू हो जाएगा और इसके आखिरी में दशहरा पर्व आएगा। फिर घरों में दिवाली की तैयारियां शुरू होगी। आपको बता दे कि इस बार नवरात्रि, दशहरा की तारीखों में पंचांगों में भेद आ रहा है। ज्योतिषियों की सलाह मानकर ही पर्व की तारीखों को समझ कर इन्हें मनाना पड़ेगा। कौन सा पर्व कब इनकी तिथियों को लेकर मंथन चल रहा है। लेकिन ज्यादातर लोग 19 अक्टूबर को नवरात्रि का समापन व 20 अक्टूबर को दशहरा होना बता रहे हैं।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला ने बताया कि अभी आश्विन मास चल रहा है, यह हिन्दी पंचांग का 7 वां महीना होता है। अश्विन का समापन 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर्व पर होता है। इस माह में श्राद्ध पक्ष, नवरात्रि, दशहरा जैसे बड़े पर्व आते हैं। अभी श्राद्ध यानी पितृ पक्ष चल रहा है। सर्वपितृ अमावस्या पर इसका समापन होगा। इसके अगले दिन से नवरात्रि आरंभ होगी। इसके समापन में दशहरा उत्सव होगा। लेकिन इस साल नवरात्रि व दशहरा के तारीख को लेकर पंचांगों में भेद हैं। कुछ जगह 20 अक्टूबर तो कुछ में 21 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल दशमी तिथि यानी दशहरा पर्व होना बताया जा रहा है।
सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को तो नवरात्रि 11 से लग रही
आश्विन अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या या महालया कहा जाता है। इस दिन पितृ पक्ष का समापन होता है। जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध इसी दिन किया जाता है। इस दिन तर्पण और दान-दक्षिणा देकर पितरों को विदाई दी जाती है। उज्जैन में इस दिन पिंडदान-तर्पण का विशेष महत्व होता है। इसलिए सिद्धवट, रामघाट और गया कोठा तीर्थ पर हजारों लोग पूजन के लिए उमड़ेंगे। इसके अगले दिन 11 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से देवी दुर्गा की आराधना का उत्सव शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगा। इस दिन कलश स्थापना घटस्थापना कर माता शैलपुत्री का पूजन किया जाता है।
इस बार महाअष्टमी और महानवमी एक ही दिन 19 अक्टूबर को बता रहे
तिथियों की घट-बढ़कर की वजह से दुर्गाष्टमी और दुर्गा नवमी की तारीख को लेकर भी पंचांग भेद हैं। कई पंचांग में ये दोनों तिथियां एक ही दिन बताई गई हैं, जबकि कुछ में 20 अक्टूबर को नवमी और दशमी तिथि बताई गई है। इन तिथियों पर महागौरी और मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा की जाती है। हम अपने-अपने क्षेत्र के पंचांगों और विद्वानों के अनुसार बताई गई तारीखों पर इन तिथियों के व्रत-उपवास कर सकते हैं।
दशहरा को लेकर दो दिन दशमी तिथि, इसलिए 20-21 को पर्व
आश्विन शुक्ल दशमी को विजया दशमी का पर्व यानी दशहरा मनाया जाता है। इस बार तिथियों की घट-बढ़कर के कारण इस त्यौहार की तारीख को लेकर भी पंचांग भेद हैं। जो लोग सूर्योदय के समय की तिथि को महत्व देते हैं, वे 21 अक्टूबर को विजया दशमी मनाएंगे, वहीं दूसरी ओर जो लोग नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा मनाते हैं, वे 20 अक्टूबर को यह पर्व मनाएंगे। इसलिए रावण दहन करने वालों के लिए भी असमंजस हो रहा है कि किस दिन रावण दहन किया जाए। इसे लेकर भी अभी मंथन चल रहा है। पंडितों व ज्योतिषियों की राय ली जा रही है।

