फव्वारा चौक पर खोदे जा रहे ट्रायल पिट
उज्जैन, अग्निपथ। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी उज्जैन में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के मध्य क्षेत्र में बनने वाले दूसरे महत्वाकांक्षी एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कार्य मंगलवार से धरातल पर प्रारंभ हो गया है। निकास चौराहा से इंदौर गेट तक बनने वाले इस प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज के प्रथम चरण के अंतर्गत फव्वारा चौक पर ट्रायल पिट की खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है।
ट्रायल पिट और मृदा परीक्षण के बाद खड़े होंगे पिलर
प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार, फव्वारा चौक क्षेत्र में खोदे जा रहे ट्रायल पिट के माध्यम से जमीन के नीचे मौजूद विभिन्न पाइप लाइनों, बिजली के केबलों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके तुरंत बाद संबंधित स्थल का मृदा परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग) कराया जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट सफल रहने और तकनीकी स्वीकृति मिलते ही ब्रिज के मजबूत पिलर (कॉलम) खड़े करने के लिए कंक्रीट संरचना की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी जाएगी।
मकोड़िया आम नाका ब्रिज का काम अंतिम चरण में
उल्लेखनीय है कि शहर के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दो अलग-अलग एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इनमें से पहला ब्रिज मकोड़िया आम नाका से इंदौर गेट तक तथा दूसरा ब्रिज निकास चौराहा से इंदौर गेट तक बनना तय हुआ है। मकोड़िया आम नाका से इंदौर गेट ब्रिज के प्रथम चरण का कार्य काफी समय पहले ही प्रारंभ किया जा चुका था। वर्तमान में इस मार्ग पर मृदा परीक्षण और डिजाइन मूल्यांकन का काम अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है, जिसके पूर्ण होते ही मुख्य निर्माण कार्य की गति और बढ़ा दी जाएगी।
सिंहस्थ के लिए उल्टी गिनती शुरू, समय सीमा में पूरा करने की चुनौती
आगामी महाकुंभ सिंहस्थ के आयोजन में अब केवल 500 दिनों का समय शेष रह गया है। इस भव्य धार्मिक मेले के दौरान देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। पुराने शहर के भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक इलाकों, मुख्य बाजारों और महाकालेश्वर मंदिर पहुंच मार्गों पर यातायात प्रबंधन सुचारू बनाए रखने के लिए दोनों एलिवेटेड ब्रिज अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समयावधि कम होने के कारण निर्माण एजेंसियों को पूरी निष्ठा और तेज गति से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति
निकास चौराहा, कंठाल, नई सड़क, दौलतगंज और इंदौर गेट का संपूर्ण क्षेत्र शहर के सबसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्रों में गिना जाता है। वर्तमान में इन तंग मार्गों पर दिनभर वाहनों का भारी दबाव और जाम की स्थिति बनी रहती है। एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण पूर्ण हो जाने से स्थानीय निवासियों, कारोबारियों और बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को ट्रैफिक जाम से स्थाई राहत मिल सकेगी तथा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से कनेक्टिविटी भी सुगम हो जाएगी।

