अवि इंडस्ट्री से जब्त हुआ 70 करोड़ का सोयाबीन

स्टाक लिमिट से दो गुना संग्रहण मिला, आपूर्ति विभाग की कार्यवाही

उज्जैन, अग्निपथ। खाद्य तेल और तिलहन की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक अधिकारियों का अभियान लगातार जारी है। आपूर्ति विभाग की टीम ने बडऩगर रोड़ स्थित चंदूखेड़ी गांव में संचालित होने वाली अवि एग्रो इंडस्ट्री से भी लगभग 97 हजार 860 क्विंटल सोयाबीन जब्त की गई है। जब्त की गई सोयाबीन की कीमत करीब 70 करोड़ रूपए है।

जिला आपूर्ति विभाग की टीम ने बडऩगर रोड़ के चंदूखेड़ी गांव में स्थित अवि एग्रो इंडस्ट्री पर छापामार कार्यवाही की है। यह इंडस्ट्री जिले में सोयाबीन तेल उत्पादन की सबसे बड़ी इकाई है। अवि एग्रो इंडस्ट्री के गोदाम से आपूर्ति विभाग की टीम को लगभग 18 हजार 360 मेट्रिक टन सोयाबीन मिला है। इस इंडस्ट्री में केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक केवल 8 हजार मेट्रिक टन यानि करीब 80 हजार क्विंटल सोयाबीन ही स्टाक की जा सकती है।

जिला आपूर्ति अधिकारी मोहन मारू के मुताबिक अवि एग्रो इंडस्ट्री के गोदाम में तय स्टाक से ज्यादा रखी 97 हजार क्विंटल सोयाबीन को जब्त कर लिया गया है। इस माल को इंडस्ट्री की सुपूर्दगी में ही सौंप दिया गया है। तीन दिन पहले भी आपूर्ति विभाग की टीम ने इंदौर रोड़ स्थित डी-मार्ट स्टोर पर इसी तरह की छापामार कार्यवाही की थी। इस स्टोर से स्टाक लिमिट से ज्यादा 67 क्विंटल तेल जब्त किया गया था।

किसकी कितनी लिमिट

  • फुटकर व्यापारी 30 क्विंटल तेल और 100 क्विंटल तिलहन का स्टाक अपने पास रख सकते है। चेन स्टोर के लिए भी यहीं स्टाक लिमिट तय है।
  • थोक व्यापारी 500 क्विंटल तेल और 2 हजार क्विंटल तिलहन का स्टाक अपने पास रख सकते है।
  • जिन उत्पादन ईकाइयों में तेल बनाया जाता है वहां प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता के मान से 90 दिन का स्टाक किया जा सकता है। इसके अलावा उत्पादन ईकाइयों को अपने यहां का स्टाक सरकारी पोर्टल पर प्रदर्शित भी करते रहना अनिवार्य किया गया है।

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